जलवायु परिवर्तन से अफ्रीका व दक्षिण एशिया बुरी तरह प्रभावित : विश्व बैंक
समाचार एजेंसी डीपीए के मुताबिक विश्व बैंक ने कहा है कि पृथ्वी के तापमान में दो डिग्री सेंटीगट्र की भी बढ़ोतरी होती है तो उसके परिणामस्वरूप 40 करोड़ लोगों के सामने भुखमरी का खतरा उत्पन्न हो सकता है और 20 लाख लोगों के समक्ष पानी का संकट पैदा हो सकता है।
विश्व बैंक ने कहा है कि दुनिया की सरकारों ने यह लक्ष्य निर्धारित किया है कि पृथ्वी का तापमान दो डिग्री सेंटीग्रेट न बढ़ने पाए। गरम जलवायु में रहना कठिन हो जाएगा, लिहाजा सरकारों को अभी से अपने ग्रीनहाउस गैस के उत्सर्जन को घटाना होगा।
विश्व बैंक के प्रमुख अर्थशास्त्री जस्टिन लिन ने इस्तांबुल में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान कहा, "सभी इस बात पर सहमत हैं कि बाद में अनुकूलन को अपनाने के बदले अभी से शमन उपायों को अपनाया जाए।"
विश्व बैंक द्वारा पिछले महीने जारी एक रिपोर्ट में कहा गया था कि ग्लोबल वार्मिग का दंश विकासशील देशों को भुगतना होगा। ग्लोबल वार्मिग का 75 से 80 प्रतिशत प्रभाव विकासशील दुनिया पर पड़ेगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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