विजयवाड़ा में बाढ़ का खतरा, कई गांव बाढ़ की चपेट में (लीड-2)

प्रशासन कृष्णा नदी पर बने प्रकाशम बैराज पर जल स्तर की लगातार निगरानी कर रहा है। अधिकारियों ने कहा है कि यदि सोमवार की रात बगैर किसी तबाही के कट गई तो दोनों जिलों के 200 गांवों पर मंडरा रहा बाढ़ का खतरा टल जाएगा।

अधिकारी इसे पिछले 100 सालों के दौरान कृष्णा नदी में आई सबसे भयावह बाढ़ बता रहे हैं।

बाढ़ का खतरा अब तटीय इलाकों की ओर केंद्रित हो गया है। पिछले चार दिनों से बाढ़ से जूझ रहे कुरनूल और महबूबनगर जिले अब सामान्य स्थिति की ओर लौटने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

उधर कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 242 हो गई है। सोमवार को संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आंध्र प्रदेश के बाढ़ प्रभावित जिलों का हवाई सर्वेक्षण किया।

कर्नाटक में बाढ़ के कारण सबसे अधिक 168, आंध्र प्रदेश में 49 और महाराष्ट्र में 25 लोगों की मौत हो चुकी है और लाखों बेघर हो गए हैं। इसके अलावा फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। तीनों राज्यों के प्रभावित इलाकों में युद्ध स्तर पर राहत और बचाव कार्य जारी है।

बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए केंद्रीय गृहमंत्री पी.चिदंबरम और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के.रोसैया के साथ सोनिया गांधी ने अति प्रभावित महबूबनगर और कुरनूल जिलों का हवाई सर्वेक्षण किया। कांग्रेस महासचिव और आंध्र प्रदेश के प्रभारी एम.वीरप्पा मोइली और कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष डी.श्रीनिवास भी उनके साथ थे।

हवाई सर्वेक्षण के बाद रोसैया ने गांधी को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें बाढ़ से राज्य को 12,225 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान व्यक्त करते हुए केंद्र से तत्काल 6,000 करोड़ रुपये की सहायता की मांग की गई है। मुख्यमंत्री ने केंद्र से राज्य में आई बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की भी मांग की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ की वजह से सड़क , विद्युत और अन्य बुनियादी सुविधाओं को 10,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा है कि 1,005 करोड़ रुपये मूल्य की फसल तबाह होने का अनुमान है और मकानों को पहुंचे नुकसान से 300 करोड़ रुपये की क्षति का अंदाजा है।

डेयरी क्षेत्र को बाढ़ से 270 करोड़ रुपये का और मत्स्य क्षेत्र को 100 करोड़ रुपये नुकसान हुआ है। ज्ञापन में कहा गया है कि राज्य को राहत और बचाव कार्य के लिए 500 करोड़ रुपये की जरूरत है।

सोमवार को कृष्णा नदी पर बने प्रकाशम बैराज का जलस्तर खतरे का निशान पार गया। विजयवाड़ा कृष्णा नदी के तट पर है, इसी वजह से यहां बाढ़ का खतरा सबसे अधिक है। विजयवाड़ा के ग्रामीण इलाकों से हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।

प्रकाशम बैराज के तटबंधों के कमजोर पड़ने से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने बाढ़ के पानी को रोकने के लिए रेत की 300,000 बोरियां इकट्टा की हैं।

कृष्णा जिले के कलक्टर पीयूष कुमार ने आईएएनएस को बताया कि सेना, नौसेना और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल 100 नौकाओं और छह हेलीकॉप्टरों के साथ जिले के लोगों को बचाने के लिए तैयार है।

महाराष्ट्र में पिछले तीन दिनों से जारी मूसलाधार बारिश की वजह से 25 लोगों की मौत हो गई है। राज्य के मुख्य सचिव जॉनी जोसेफ ने कहा है कि बाढ़ प्रभावित लोगों को राज्य सरकार मुआवजा देगी।

उधर, गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र में भी रविवार रात से बारिश हो रही है। बारिश की वजह से राज्य में 11 लोगों की मौत हो चुकी है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

*

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+