जन्म के पहले दिन हो जाती है 4 लाख शिशुओं की मौत
पूरी दुनिया में प्रतिवर्ष 20 लाख शिशुओं की मौत जन्म के पहले दिन के भीतर हो जाती है। इसका सबसे पीड़ादायक और त्रासद पहलू यह है कि जिन रोगों और संक्रमण से मौतें होती हैं, उनका आसानी से इलाज हो सकता है और मौतों को रोका जा सकता है।
'सेव द चिल्ड्रेन' के मुख्य कार्यकारी अधिकारी थामस कैंडी ने लाखों बच्चों के जीवन को बचाने के लिए सोमवार को 'एवरीवन' अभियान आरंभ करते हुए कहा, " हर बच्चा जीवित रहने का हकदार है और इसे सुनिश्चित करना हर व्यक्ति की नैतिक जिम्मेदारी है।"
यह अभियान भारत सहित 40 देशों में आरंभ किया गया। तेज आर्थिक विकास के बावजूद विश्व में नवजातों की कुल मौतों के 20 प्रतिशत मामले भारत में होते हैं।
संस्था के अध्ययन में कहा गया है कि भारत में शिशु मृत्यु को कम करने में काफी सफलता के बावजूद 1,000 नवजातों में 39 की मौत और 1,000 बच्चों में से 72 की मौतों का आंकड़ा स्तब्धकारी है।
आस्ट्रेलिया, कनाडा,ब्रिटेन, जर्मनी, अमेरिका, पाकिस्तान और भारत सहित 14 देशों में कराए गए सर्वेक्षण के अनुसार 48 प्रतिशत प्रतिभागियों का मानना था कि बच्चों के जीवन को बचाने के लिए दुनिया को हर वर्ष 400 अरब डॉलर अतिरिक्त खर्च करने होंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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