असम में स्थिति तनावपूर्ण, सेना बुलाई गई (लीड-2)
सोनितपुर जिले के भीमाजुली गांव में प्रतिबंधित संगठन नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड (एनडीएफबी) के 8 से 10 सशस्त्र उग्रवादियों ने रविवार शाम करीब 7.30 बजे अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी, जिसमें 12 लोगों की मौत हो गई थी। मृतकों में चार महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। हमले में 13 अन्य घायल भी हो गए।
सोमवार को हमले के विरोध में स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए। स्थानीय लोगों ने बोडो जनजाति के लोगों पर हमले की धमकी दी। प्रशासन ने स्थिति पर नियंत्रण करने के लिए इलाके में सुरक्षाबलों को तैनात कर दिया है।
असम के स्वास्थ्य मंत्री और राज्य सरकार के प्रवक्ता हिमंता बिश्व शर्मा ने आईएएनएस से कहा, "स्थिति बेहद तनावपूर्ण है। हमने क्षेत्र में शांति बहाल करने के उदेश्य से सेना की सहायता लेने का फैसला किया है।"
मुख्यमंत्री तरुण गगोई ने हमले के बाद की स्थिति की समीक्षा के लिए अपने आवास पर एक उच्चस्तरीय बैठक की। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में एनडीएफबी के 25 संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी के लिए तुरंत अर्धसैनिक बलों को रवाना करने के आदेश दिया।
मुख्यमंत्री ने राजस्व मंत्री डॉ. भूमिधर बर्मन, संसदीय कार्य मंत्री भरत नराह और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हिमंता बिश्व शर्मा को मौके पर पहुंचकर स्थिति पर नजर रखने को कहा है।
असम के मत्स्य पालन मंत्री नूरजमाल सरकार ने कहा कि संभवत: उग्रवादियों ने ग्रामीणों से धन की मांग की थी, जिसे उन्होंने ने पूरा नहीं किया। एनडीएफबी ने इसी वजह से यह हमला किया।
उल्लेखनीय है कि एनडीएफबी दो गुटों में बंटा है। एक गुट केंद्र के साथ संघर्षविराम की घोषणा कर चुका है, जबकि डी.आर.नाबला के नेतृत्व वाला दूसरा गुट अभी तक भूमिगत है। राज्य में गत दो दशकों में आतंकवादी हमलों में 10,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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