न्यायाधीश संपत्ति : सर्वोच्च न्यायालय ने दी उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती (लीड-1)
उच्च न्यायालय ने इस फैसले के तहत सर्वोच्च न्यायालय के सभी न्यायाधीशों के लिए भी अपनी संपत्ति का ब्यौरा सार्वजनिक करना अनिवार्य कर दिया था।
सर्वोच्च न्यायालय ने इस मामले को चुनौती देते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख किया है।
सर्वोच्च न्यायालय के अधिकारियों के अनुसार, न्यायालय के पास दो विकल्प थे। पहला, उच्च न्यायालय के एकल न्यायाधीश के फैसले को उच्च न्यायालय में ही दो सदस्यीय खंडपीठ के समक्ष चुनौती दी जाए। दूसरा विकल्प था कि इसे विशेष अनुमति याचिका के माध्यम से सर्वोच्च न्यायालय में ही चुनौती दी जाए।
स्वयं से जुड़ा मामला होने की वजह से सर्वोच्च न्यायालय ने इसे उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की दो सदस्यीय खंडपीठ के समक्ष उठाना मुनासिब समझा।
इससे पहले दिल्ली के निवासी सुभाष चंद्र अग्रवाल को भेजे पत्र में सर्वोच्च न्यायालय के एडिशनल रजिस्ट्रार राजपाल अरोड़ा ने सूचित किया था कि सर्वोच्च न्यायालय इस बारे में दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख करेगा।
गौरतलब है कि अग्रवाल की ही याचिका पर केंद्रीय सूचना आयोग ने सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की संपत्ति को सार्वजनिक करने का निर्देश दिया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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