अपह्रत अधिकारी की रिहाई के लिए गांधी को मुक्त करें : नक्सली
स्वयं को झारखण्ड की दक्षिणी छोटानागपुर समिति का सचिव होने का दावा करने वाले समरजी ने शनिवार को स्थानीय समाचार पत्रों को स्थिति से अवगत कराया। उसने कहा कि यदि सरकार गांधी, छत्रधर महतो और चंद्र भूषण यादव को मुक्त कर देती है तो वह झारखण्ड के खुफिया अधिकारी को छोड़ देंगे।
स्थानीय समाचार पत्र में प्रकाशित समरजी के वक्तव्य के मुताबिक उसने कहा, "खुफिया विभाग का पुलिस अधिकारी हमारी कैद में है। वह सुरक्षित है। गिरफ्तार नेताओं कोबेद गांधी, छत्रधर महतो और चंद्र भूषण यादव के मुक्त होने के बाद उसे छोड़ दिया जाएगा।"
उसने कहा, "कुंदन पहन और अन्य लोगों के रिश्तेदारों को परेशान न किया जाए नहीं तो हम सरकारी अधिकारियों के परिवार के सदस्यों का अपहरण कर लेंगे।"
झारखण्ड के खुफिया अधिकारी के अपहरण के आरोप में पुलिस रांची, खूटी और जमशेदपुर जिले के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय कुंदन पहन दल की संदिग्ध भूमिका की जांच कर रही है।
खुफिया अधिकारी फ्रांसिस इंदवर का रांची से 65 किलोमीटर दूर स्थित खूटी जिले के आर्की पुलिस स्टेशन के तहत आने वाले हेमब्रुम बाजार से बुधवार को अपहरण कर लिया गया था।
झारखण्ड पुलिस के प्रवक्ता एस. एन. प्रधान ने आईएएनएस से कहा, "हम फोन कॉल्स की प्रामाणिकता की जांच कर रहे हैं। झारखण्ड के बागी ऐसा कैसे कर सकते हैं जबकि वह जानते हैं कि कोबेद गांधी और महतो हमारे पास नहीं हैं। पूर्व में स्वयं को नक्सली बताने वाले एक आदमी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, गृह मंत्री पी. चिदंबरम और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को धमकी दी थी।"
प्रतिबंधित संगठन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी-माओवादी (भाकपा-माओवादी) के वरिष्ठ नेता, लंदन में शिक्षित 63 वर्षीय कोबेद गांधी को 21 सितम्बर को दिल्ली में गिरफ्तार किया गया था। पार्टी का दावा है कि उन्हें चार दिन पहले 17 सितम्बर को गिरफ्तार किया गया था। उन्हें छह अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में रखा जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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