संपत्ति की घोषणा : उच्च न्यायालय में दोबारा जाएगा सर्वोच्च न्यायालय
नई दिल्ली, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। सर्वोच्च न्यायालय ने अंतत: तय कर लिया है कि वह प्रधान न्यायाधीश के पद को पारदर्शिता कानून के दायरे में लाए जाने तथा सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के लिए संपत्ति की घोषणा अनिवार्य बनाने संबंधी दिल्ली उच्च न्यायालय की एकल सदस्यीय खंडपीठ के फैसले के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय का दोबारा दरवाजा खटखटाएगा।
सर्वोच्च न्यायालय के रजिस्ट्री अधिकारियों ने रविवार को कहा है कि सर्वोच्च न्यायालय ने उच्च न्यायालय के एक सदस्यीय खंडपीठ के आदेश के खिलाफ दो सदस्यीय खंडपीठ के समक्ष जाने का एक सामान्य रास्ता अख्तियार किया है।
सर्वोच्च न्यायालय के सेक्रेटरी जनरल एम.पी.भद्रन ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा है, "जी हां, हमने उच्च न्यायालय के फैसले को उसके दो सदस्यीय खंडपीठ के समक्ष चुनौती देने का निर्णय लिया है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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