गुलजार के पसंदीदा 100 गीत अब अंग्रेजी में भी
'100 लिरिक्स' में गीतों के अंग्रेजी अनुवाद के साथ हिंदी के वास्तविक गीत भी होंगे। इसमें गीत रचना के संबंध में भी जानकारी दी गई है।
'पेंग्विन बुक्स इंडिया' द्वारा प्रकाशित इस किताब में बिमल रॉय की फिल्म 'बंदिनी' के लिए 1963 में गुलजार का लिखा पहला गीत 'मेरा गोरा अंग लई ले' के साथ 'दिल ढूंढता है (मौसम)', 'नाम गुम जाएगा (किनारा)', 'हमने देखी है उन आंखों की..', 'इस मोड़ पे जाते हैं (आंधी)', 'मेरा कुछ सामान (इजाजत)' जैसे गीत होंगे।
'स्लमडॉग मिलिनेयर' फिल्म के 'जय हो' गीत के लिए इस साल ऑस्कर पुरस्कार जीत चुके गुलजार को अंग्रेज संगीतकार स्टिंग से प्रेरणा मिली है।
गुलजार ने कहा, "प्रख्यात संगीतकार स्टिंग ने मुझे इस किताब के लिए प्रेरित किया। इससे पहले हिंदी में मेरे गीतों की कई किताबें और कहानियों की दो किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं।"
अनुवाद कर रहे संजय शेखर का कहना है कि गुलजार के गीत सामाजिक बाधाओं को तोड़ देते हैं।
शेखर ने कहा, "कोई रिक्शा चालक हो या सूफी संत, गुलजार के गीत दोनों के दिल को छूते हैं। गीत के बोलों का मतलब केवल शब्द या धुनें नहीं हैं, इनका मतलब एक पूरी दुनिया को समझना है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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