राजस्थान 2013 तक बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर हो जाएगा
डॉ. सिंह रविवार को अलवर में चित्रगुप्त छात्रावास में आयोजित बिजली-मजदूर कांग्रेस के सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में सम्बोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि बिजली संकट को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गम्भीरता से लिया है। मुख्यमंत्री बिजली संकट के स्थायी समाधान के लिए योजनाएं बनाकर उन्हें तेजी से क्रियान्वित करने पर जोर दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि 250 मेगावाट के सूरतगढ़, 195 मेगावाट के कोटा थर्मल, 200 मेगावाट का आणविक, 260-250 मेगावाट के छबड़ा पावर प्लांट पर कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में बिजली संकट से निजात पूरी तरह से मिल जाएगी।
उन्होंने कहा कि विभाग में ठेकेदार व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। साथ में विभाग में पांच हजार तकनीकी कर्मचारियों की भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। कर्मचारियों को जोखिम से बचाने के लिए आवश्यक उपकरण व अन्य संसाधन जल्दी ही उपलब्ध कराए जाएंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications