नाव में अंदरूनी गड़बड़ी थी : जांच दल (लीड-1)
इस बीच इस मामले की जांच कर रहे केरल पुलिस के एक अधिकारी के अनुसार नाव पर क्षमता से अधिक लोग सवार थे और उसमें कुछ अंदरूनी गड़बड़ी भी थी। हादसे की जांच कर रही पुलिस की अपराध शाखा सोमवार को सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
कुमिली क्षेत्र के पुलिस निरीक्षक अनिल श्रीनिवास ने आईएएनएस से कहा, "हैदराबाद के 19 वर्षीय अभिलाष का शव दुर्घटना स्थल के निकट झील में तैरता हुआ देखा गया। नौसेना अब जल्दी ही खोज अभियान बंद करेगी।"
इससे पहले शनिवार को तीन शव मिले थे। इनमें अभिलाष की 14 वर्षीय बहन अपूर्वा का शव भी शामिल था। शवों को अब कोच्चि से हैदराबाद पहुंचा जाएगा।
श्रीनिवास ने कहा कि राज्य पुलिस खुफिया विभाग ने सुनिश्चित किया है कि मैसूर का एक युगल जो थेक्कडी में था लेकिन उसके संबंध में यहां किसी को जानकारी नहीं थी, वह जोड़ा अपने गृह नगर पहुंच गया है।
उल्लेखनीय है कि केरल पर्यटन विकास निगम (केटीडीसी) की नाव बुधवार शाम पलट गई थी। हादसे में तमिलनाडु के 14, दिल्ली के 12, आंध्र प्रदेश के सात, पश्चिम बंगाल के पांच, कर्नाटक और केरल के तीन-तीन लोगों और मुंबई के एक व्यक्ति की मौत हो गई थी।
इस दुर्घटना की जांच कर रहे पुलिस की अपराध शाखा के दल के प्रमुख पी.ए.वाल्सन ने आईएएनएस को रविवार को बताया कि केरल पर्यटन विकास निगम (केटीडीसी) के स्वामित्व वाली दो मंजिली नाव की क्षमता 75 यात्रियों की थी, लेकिन दुर्घटना की शाम नौका पर 87 पर्यटक सवार थे।
वाल्सन ने कहा, "नाव चालक ने क्षमता से अधिक पर्यटकों को बैठा लिया था और चालक द्वारा असावधानी के साथ नाव को अचानक मोड़ देना दुर्घटना के मुख्य कारण के रूप में सामने आया है।"
वाल्सन से इस संबंध में नाव चालक और उसके सहायक से पूछताछ की है और रक्षा अनुसंधान व विकास संगठन (डीआरडीओ) के एक इंजीनियर से भी बातचीत की है। इस इंजीनियर का 19 वर्षीय बेटा और 14 वर्षीय बेटी भी इस दुर्घटना में शिकार हुए हैं।
वाल्सन ने कहा है, "नाव चालक पर आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा। नाव की स्थिति के बारे में पता करने के लिए सभी वैज्ञानिक परीक्षण किए जाएंगे। "
वाल्सन ने इस बात से इंकार किया कि पर्यटकों के जानवर को देखने के लिए नाव के एक ओर पर जमा होने की वजह से दुर्घटना हुई। उन्होंने कहा कि नाव उस दिन पहले से ही एक ओर थोड़ी झुकी हुई थी।
वाल्सन ने कहा कि फोरेंसिक विशेषज्ञों ने नाव का प्रारंभिक परीक्षण किया है और वे चाहते हैं कि नाव को जमीन पर लाया जाए जिससे वे इसके निचले हिस्से का परीक्षण कर सकें।
राज्य सरकार ने इस दुर्घटना की न्यायिक जांच कराने की घोषणा की है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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