देश में रियल्टी कारोबार के दिन फिरे
नई दिल्ली, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। आने वाली दिवाली रियल्टी कारोबारियों के लिए सही मायने में दिवाली होगी। 12 से अधिक कंपनियों की सार्वजनिक पेशकश, नई परियोजनाओं की शुरूआत और पूंजी का प्रवाह बढ़ने से रियल्टी कारोबार के अच्छे दिन फिर से लौट रहे हैं।
अग्रणी रियल्टी ब्रोकरेज कंपनी जोन्स लांग लास्ले-मेघराज के भारत के कारोबार प्रमुख अनुज पुरी के अनुसार लगभग 18 महीने तक पूंजी की किल्लत झेलने के बाद रियल्टी सेक्टर में एक बार फिर पूंजी का प्रवाह शुरू हो गया है।
पुरी ने आईएएनएस को बताया, "बिक्री में सुधार हो रहा है निवेश का प्रवाह भी तेज हो रहा है। शेयर बाजार में तेजी का दौर होने के कारण पूंजी जुटाने की संभावनाएं बेहतर हुईं हैं। इन दिनों हर कंपनी बाजार से पूंजी उगाहने के लिए सार्वजनिक पेशकश (क्यूआईपी) ला रही है।"
क्यूआईपी पूंजी उगाहने का एक तरीका है जिसके तहत सूचीबद्ध कंपनियां संस्थागत खरीददारों के लिए शेयर, पूर्णत: या आंशिक परिवर्तनीय डिबेंचर या प्रतिभूतियां जारी करती हैं।
विश्लेषकों का कहना है कि पिछले साल 75 फीसदी शेयर मूल्य खोने के बाद रियल्टी क्षेत्र ने पिछले छह माह में क्यूआईपी के जरिए बाजार से 75,000 करोड़ रुपये जुटाए हैं।
ओमेक्स के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक रोहताश गोयल ने आईएएनएस को बताया, "रियल्टी कंपनियों के लिए पिछला साल बहुत खराब गुजरा लेकिन इस साल मांग बढ़ रही है। खरीदार लौट रहे हैं। इस दिवाली पर हम अच्छी खरीदारी की उम्मीद कर रहे हैं।"
विश्लेषकों ने कहा, " पूंजी जुटाने में कंपनियों की सफलता और खरीदारों का मूड अनुकूल देख कर 12 से अधिक कंपनियां पूंजी जुटाने के लिए अगले दो तीन महीने में प्राथमिक बाजार में उतरने का मन बना रहीं हैं।
वित्तीय स्थिति में सुधार के अलावा कीमतों में सुधार होने के कारण भी खरीदार बाजार की ओर लौट रहे हैं।
अनुज पुरी कहते हैं, "रियल्टी कारोबारियों ने मंदी में एक सबक सीखा है कि आकर्षक छूट से ही खरीदार आकर्षित नहीं होता है। अगर कोई परियोजना समय पर पूरी होती है, कीमतें जायज और प्रक्रिया पारदर्शी है तो खरीदार हमेशा बाजार में रहेंगे।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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