बिहार नरसंहार : नक्सलियों का इंकार, 2 पुलिस अधिकारी निलंबित (लीड-1)
भाकपा (माओवादी) के उत्तरी बिहार क्षेत्र के सरगना सनेश ने एक स्थानीय समाचार पत्र से कहा, "खगड़िया में हुए नरसंहार में नक्सलियों का कोई हाथ नहीं है। मारे गए लोगों के परिजनों के प्रति हमारी सहानुभूति है। भाकपा (माओवादी) इस नरसंहार के लिए जिम्मेदार लोगों को इस साल के आखिर तक दंडित करेगा।"
बिहार पुलिस ने इस नरसंहार में नक्सलियों के हाथ होने का संदेह जताया था। पुलिस ने शनिवार को कहा कि इस मामले में 11 लोगों की गिरफ्तारी की गई है कि जिसमें इस नरसंहार का मास्टरमाइंड ओ.पी. महतो भी शामिल है।
पुलिस का कहना है कि खगड़िया के अमौसी गांव में हुए नरसंहार की वजह जमीन विवाद है। राज्य के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक नीलमणि ने कहा, "मास्टरमाइंड महतो ने खुलासा किया है कि इस नरसंहार की योजना 14 सितम्बर को अमौसी के मुखिया के घर पर बनाई गई थी।" उन्होंने कहा कि पुलिस को नरसंहार के मामले में कुछ अहम सुराग मिले हैं। अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए बिहार सैन्य पुलिस, विशेष कार्यबल और विशेष सहायक पुलिस की संयुक्त टीम खगड़िया और आसपास के जिलों में अभियान चल रही है।
दूसरी ओर राज्य सरकार ने इस पूरे मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में दो वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया। राज्य के प्रधान गृह सचिव अमिर सुभानी ने रविवार को कहा, "राज्य सरकार ने पुलिस अधीक्षक इंद्रानंद मिश्रा और उप मंडलीय पुलिस अधिकारी अजय कुमार पांडेय को लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications