खाद्य सुरक्षा के लिए कृषि तकनीक में सुधार जरूरी : फिक्की
फिक्की ने एक रिपोर्ट में कहा है कि इस मानसून में कम बारिश होने के कारण खरीफ की फसल का उत्पादन 15 फीसदी तक कम होने की संभावना है।
इसके अलावा बारिश कम होने से तालाबों में जलस्तर घट जाएगा जिससे रबी फसल का उत्पादन प्रभावित होगा और कृषि उत्पादन में पांच फीसदी तक कमी आएगी।
रिपोर्ट में कहा गया है, "कृषि उत्पादन कम होने का प्रभाव सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) दर पर भी पड़ेगा और चालू वित्त वर्ष में यह 5.2 से 5.8 फीसदी के बीच रहेगी। इसके अलावा कृषि जीडीपी गिरकर शून्य से दो या से चार फीसदी नीचे रहने का अनुमान है।"
रिपोर्ट में कहा गया है कि अधिक से अधिक इलाकों में सिंचाई की सुविधा पहुंचाना भविष्य में सूखे जैसी स्थिति से निपटने का एक मात्र दीर्घकालीन उपाय है।
फिक्की ने एक प्रभावी पूर्वानुमान तंत्र की भी वकालत की है जो किसानों को समय से सूचना दे सके।
रिपोर्ट में कृषि आधारित शोध एवं विकास और फसलों की ऐसी नई किस्में विकसित करने पर भी जोर दिया गया है जिसे कम पानी जरूरत पड़े।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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