धूमल ने किया 'गऊ बचाओ जागरूकता यात्रा' का शुभारंभ
इस अभियान के दौरान 20 हजार किलोमीटर की दूरी तय कर विभिन्न स्थानों पर 400 से भी अधिक जनसभाओं का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान 50 करोड़ भारतीयों के हस्ताक्षर लिए जाएंगे।
इस अवसर पर राज्य इकाई द्वारा आयोजित समारोह को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने लोगों का आह्वान किया कि वे गऊ रक्षा जैसे पवित्र कार्य में आगे आकर अपना योगदान दें ताकि भारतीय संस्कृति की प्रतीक गऊ के महत्व के बारे में लोगों को जागरूक किया जा सके।
उन्होंने कहा कि गाय के दूध बच्चों के लिए एक श्रेष्ठ औषधि के समान है, जिससे वृद्घजनों को शारीरिक एवं मानसिक रूप से तंदरूस्त बनाने में सहायता मिलती है। उन्होंने कहा कि भारत के प्राचीन धर्म ग्रंथों में पालतू पशुधन के बारे में विस्तार से बताया गया है। उन्होंने कहा कि इन धर्म ग्रंथों में लोगों को प्रकृति के निकट सानिध्य में रह कर इसे बिना कोई नुकसान पहुंचाए बेहतर जीवनयापन करने के बारे में बताया गया है।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में प्राचीन काल से ही वायु, जल, वृक्ष, पर्वत तथा अग्नि की पूजा की जाती है, क्योंकि जीवन को बचाए रखने में इन तत्वों का बहुमूल्य योगदान है। उन्होंने विश्व मंगल गौ-ग्राम समिति द्वारा देश भर में जागरूकता अभियान के माध्यम से इस दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
यात्रा के सह संयोजक रूप राम शर्मा ने इस देशव्यापी अभियान के बारे में कहा कि यह यात्रा 20 हजार किलोमीटर की दूरी तय कर नागपुर में सम्पन्न होगी तथा इस दौरान 50 करोड़ भारतीयों के हस्ताक्षर लिए जाएंगे, जो गाय को राष्ट्रीय पशुधन घोषित करने के लिए देश के राष्ट्रपति को सौंपे जाएंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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