सोमालियाई मूल के कनाडाई को सजा
टोरंटो के बाहरी इलाके में भारतीय मूल के लोगों की बहुलता वाले शहर ब्रैम्पटन की एक अदालत ने अली मुहम्मद दिरी को 'टोरंटो-18' कही जाने वाली आतंकवादी साजिश के लिए सजा सुनाई। अल कायदा से जुड़े कनाडा के 18 मुस्लिमों की गिरफ्तारी के साथ इस साजिश का खुलासा जून 2006 में हुआ था। वे चाहते थे कि कनाडा की फौजे अफगानिस्तान छोड़ दें।
आतंकवादियों ने टोरंटो स्टॉक एक्सचेंज और कनाडाई खुफिया एजेंसी के कार्यालयों को उड़ाने तथा ओटावा में संसद भवन पर हमला करके नेताओं को बंधक बनाने और प्रधानमंत्री की हत्या करने की साजिश रची थी।
साजिश के अनुसार आतंकवादियों ने एक ग्रामीण शिविर में दिसम्बर 2005 को हथियारों का प्रशिक्षण लिया। परंतु एक पुलिस जासूस ने इस साजिश का पर्दाफाश कर दिया। अधिकांश साजिशकर्ता पाकिस्तानी मूल के हैं और टोरंटो के उपनगर मिसीसिसाउगा से संबद्ध हैं, जहां मुस्लिमों की आबादी देश में सबसे अधिक है।
इस मामले में सजा पाने वाला तीसरा आतंकवादी दिरी सोमालियाई मूल का है। दिरी ने हमलों को अंजाम देने के लिए कनाडा में हथियारों और गोला-बारूद की तस्करी का अपराध स्वीकार किया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस


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