नक्सलियों के बंद से जनजीवन प्रभावित (लीड-1)
नक्सलियों ने पश्चिम बंगाल और झारखंड में रेल पटरी को क्षतिग्रस्त कर दिया जिससे रेलगाड़ियों की आवाजाही प्रभावित हुई। नक्सलियों ने कुछ जगहों पर सड़कों पर जाम लगाया जिससे सैकड़ों यात्री फंसे रहे।
पश्चिम बंगाल के तीन जिलों बंकुरा, पुरुलिया और पश्चिमी मिदनापुर में आयोजित 24 घंटे के बंद से सामान्य जन-जीवन प्रभावित रहा। तीनों जिलों की सड़कों पर न तो वाहन दिखाई दिए और न ही यहां की दुकानें खुलीं।
राज्य के पुलिस महानिरीक्षक भूपिंदर सिंह ने आईएएनएस से कहा, "सामान्य जन-जीवन जाहिर तौर पर प्रभावित रहा। लेकिन बंद का बहुत गहरा असर नहीं हुआ। आज अवकाश का दिन है और लोग लक्ष्मी पूजा का आयोजन कर रहे हैं।" उन्होंने कहा कि तीनों जिलों में राज्य सरकार की बसें चल रही हैं।
इस बीच आज सुबह पुरुलिया जिले में नक्सली छापामारों ने एक रेल लाइन के निकट बारूदी सुरंग विस्फोट किया। उर्मा स्टेशन के निकट हुए इस विस्फोट से आद्रा-चांडिल खंड में चलने वाली रेलगाड़ियों की आवाजाही प्रभावित हुई।
नक्सलियों ने झारखंड-पश्चिम बंगाल सीमा पर भी एक रेल पटरी को उड़ा दिया। इससे कोलकाता-मुंबई रेलमार्ग बाधित हो गया है।
पुलिस के अनुसार नक्सलियों ने चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन पर तड़के लगभग 4.30 बजे इस वारदात को अंजाम दिया। यह स्टेशन पश्चिमी सिंहभूम जिले में है। इस रेलमार्ग पर राजधानी एक्सप्रेस सहित कुछ रेल सेवाएं बाधित हुई हैं।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि रेल कर्मचारियों ने पटरी की मरम्मत का काम आरंभ कर दिया है।
छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में जनजीवन प्रभावित रहा। बस्तर क्षेत्र में प्रमुख जगहों पर सुरक्षाबलों की तैनाती के बावजूद बस सेवाएं प्रभावित हुईं और नक्सलियों ने मुख्य सड़कों पर जाम लगाया।
40,000 वर्ग किलोमीटर में फैले बस्तर क्षेत्र के पांच जिलों दंतेवाड़ा, बीजापुर, नारायणपुर, कांकेर, और बस्तर के दूरवर्ती इलाकों में किसी भी वाहन के जाने के लिए तैयार नहीं होने की वजह से अनेक लोग बस अड्डों पर फंसे रहे।
पुलिस महानिरीक्षक (बस्तर क्षेत्र) टी.जे. लोंगकुमार ने आईएएनएस को बताया, "बस्तर में हल्के वाहन चल रहे हैं लेकिन दूरवर्ती इलाकों में बसें नहीं जा रहीं हैं। बस्तर के किसी हिस्से से अबतक किसी अप्रिय घटना का समाचार नहीं मिला है और हम किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।"
नक्सलियों के भय से बस चालकों ने दंतेवाड़ा और बीजापुर जिलों में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 221 और 16 पर अपनी बसों का आवागमन बंद रखा। स्थानीय पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों को राजमार्गो पर तैनात किया गया है।
जगदलपुर पुलिस मुख्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि शहरी इलाकों में नक्सलियों की हड़ताल का असर नहीं पड़ा है लेकिन बस्तर वनक्षेत्र इससे प्रभावित हुए हैं जहां नक्सलियों से निपटने के लिए पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों को तैनात किया गया है।
राजधानी रायपुर में प्रमुख सरकारी भवनों, पुलिस मुख्यालय, राज्य सचिवालय और मंत्रियों के आवासों पर पूरी चौकसी बरती जा रही है।
उल्लेखनीय है कि छत्रधर महतो की 'अनैतिक' गिरफ्तारी व 21 सितम्बर को गिरफ्तार हुए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेता कोबद गांधी को चिकित्सकीय मदद देने से सरकार के इनकार के बाद नक्सलियों ने इस बंद का आह्वान किया था।
बंद के द्वारा उड़ीसा के सुंदरगढ़ व कोरापुट में सुरक्षा बलों की ज्यादतियों व छत्तीसगढ़ में सीआरपीएफ की इकाई 'कॉमबेट बटालियन फॉर रिजोल्यूट एक्शन' (कोबीआरए) द्वारा स्थानीय लोगों की प्रताड़ना के खिलाफ भी विरोध जताया गया। नक्सलियों ने केंद्र सरकार द्वारा उनके खिलाफ विशेष बलों के इस्तेमाल का भी विरोध किया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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