कर्नाटक और आंध्र में बारिश से राहत, मृतकों की संख्या 206 हुई (राउंडअप)
अधिकारियों ने कहा है कि कर्नाटक में जहां 156 लोग मारे गए हैं, वहीं आंध्र प्रदेश में 50 लोगों की मौत हुई है।
दोनों राज्यों में सेना के हेलीकॉप्टरों, नौकाओं और राष्ट्रीय आपदा राहत बल के दलों द्वारा राहत व बचाव कार्य लगातार जारी है।
आंध्र प्रदेश के बाढ़ग्रस्त इलाकों में राहत और बचाव कार्य में सेना के 15 हेलीकॉप्टरों और करीब 600 जवानों को तैनात किया गया है।
हेलीकॉप्टर बेंगलुरू, तिरुपति और विजयवाड़ा से उड़ान भर रहे हैं और बुरी तरह प्रभावित कुरनूल तथा महबूबनगर जिलों में भोजन और पानी के पैकेट गिरा रहे हैं। यहां हजारों लोग दो दिनों से फंसे हैं। अधिकारियों ने हेलीकॉप्टरों से गिराए जाने के लिए भोजन और पानी के 200,000 पैकेट तैयार किए हैं।
आपदा प्रबंधन के आयुक्त दिनेश कुमार ने शनिवार को संवाददाताओं को बताया कि कुरनूल जिले में 250, महबूबनगर में 170 और कृष्णा जिले में सेना के 150 जवानों को बचाव एवं राहत कार्यो में लगाया गया है।
तमिलनाडु, पुणे और भुवनेश्वर से आपदा प्रबंधन कार्रवाई बल के सदस्य भी बाढ़ग्रस्त इलाके में पहुंच गए हैं।
मुख्यमंत्री के.रोसैया ने हैदराबाद में संवाददाताओं को बताया कि बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित कुरनूल में पानी धीरे-धीरे कम हो रहा है।
रोसैया ने बाढ़ के कारण मारे गए प्रत्येक व्यक्ति के रिश्तेदार को 100,000 रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने पूरी तरह नष्ट हो चुके प्रत्येक घर के लिए 4,000 रुपये और बुरी तरह क्षतिग्रस्त घर के लिए 3,000 रुपये मुआवजे की घोषणा की है।
प्रशासन ने शुक्रवार रात ही कुरनूल कस्बे के लोगों से सुरक्षित जगहों पर चले जाने के लिए कहा था। कुरनूल की आबादी लगभग 500,000 है। यहां श्रीसैलम बांध में जलस्तर खतरे का निशान पार कर गया है। जो लोग इमारतों की छतों पर हैं वे नीचे नहीं आ पा रहे हैं क्योंकि बाढ़ का पानी पांच से छह फुट तक भर चुका है।
राज्य में पिछले 100 वर्षो में यह सबसे भयावह बाढ़ है। बाढ़ की वजह से कुरनूल , महबूबनगर, गुंटूर और कृष्णा जिलों में 200,000 से अधिक लोग बेघर हो गए हैं। इन जगहों पर बाढ़ की वजह से फसलें तबाह हो गई हैं।
प्रकासम बैराज और नागार्जुन बांध में भारी जलप्रवाह की वजह से विजयवाड़ा, कृष्णा व गुंटूर के दूसरे हिस्सों के भी जलमग्न होने का खतरा मंडरा रहा है। विजयवाड़ा के निचले इलाकों से शुक्रवार रात लोगों का पलायन जारी रहा।
उधर कर्नाटक के बाढ़ प्रभावित 29 उत्तरी जिलों में बुधवार से जारी बारिश की वजह से अब तक 156 लोगों की मौत हो चुकी है। इस बीच फंसे सैकड़ों लोगों के लिए शनिवार को ब्रेड, बिस्कुट और पानी के10,000 से अधिक पैकेट हेलीकॉप्टर के जरिए गिराए गए।
बाढ़ से सर्वाधिक प्रभावित बीजापुर जिले में अब तक 30 लोगों की मौत हो चुकी है वहीं बागलकोट में 20 और रायचुर में 19 लोग बाढ़ की विभीषिका के शिकार हो चुके हैं।
राज्य में बुधवार से हो रही मूसलाधार बारिश से आई बाढ़ की वजह से गुलबर्गा में 18, कोप्पल में 17, बेल्लारी में 12, दावणगेरे में नौ, चित्रदुर्ग में आठ, गड़ग में सात, बेलगाम में छह, बीदर में चार, उत्तर कन्नड़ में पांच और धारवाड़ में एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है।
राज्य आपदा प्रबंधन समिति के प्रवक्ता ने आईएएनएस को बताया, " बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी के बचाव दल राहत कार्यो में जुटे हुए हैं। छह हेलीकॉप्टरों और 32 नावों की मदद से करीब 105 सदस्य बचाव कार्यो में लगे हैं।"
गौरतलब है कि बाढ़ प्रभावित जिलों में 455 खाद्य केंद्र स्थापित किए गए हैं। मुख्यमंत्री बी.एस येदियुरप्पा ने शनिवार को बाढ़ प्रभावित जिलों का हवाई सर्वेक्षण किया। रेल और सड़क संचार चौथे दिन भी ठप रहा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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