'ओआईसी भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करे'
गुटनिरपेक्ष छात्र व युवा आंदोलन (एनएएसवाईएम) के अध्यक्ष सुभाष चौधरी ने कहा है, "कश्मीर एक द्विपक्षीय मुद्दा है और इसमें किसी तीसरे पक्ष का हस्तक्षेप स्वीकार नहीं होगा। इसलिए ओआईसी को भारत जैसे किसी संप्रभु राष्ट्र के अंदरूनी मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।"
ओआईसी के एक अधिकारी के अनुसार उसने भारत व पाकिस्तान के बीच दूरी को पाटने और वहां अल्पसंख्यकों के मुद्दे को सुलझाने में सहयोग प्रदान करने के लिए जम्मू एवं कश्मीर के लिए एक विशेष दूत की नियुक्ति की है।
चौधरी ने इस मुद्दे पर नौ देशों में अपने कार्यकारी सदस्यों की एक आपात बैठक बुलाई है। उन्होंने कहा है कि बैठक में ताजा स्थिति पर तथा जेद्दा स्थित ओआईसी मुख्यालय पर प्रदर्शन करने के मुद्दे पर चर्चा की जाएगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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