भारत में दीपावली नेपाल के लिए खतरा
नेपाल पुलिस मुख्यालय की ओर से कहा गया है कि काठमांडू घाटी में प्रवेश के एक प्रमुख मार्ग, थानकोट और दक्षिण के तराई में भारत-नेपाल सीमा पर स्थित जांच चौकियों पर पटाखों और अन्य शक्तिशाली विस्फोटकों के लिए गहन तलाशी की जा रही है। इन विस्फोटकों को हर वर्ष इसी मौसम में तस्करी कर नेपाल लाया जाता है।
ज्ञात हो कि नेपाल में आतिशबाजी पर प्रतिबंध है, खासतौर से काठमांडू घाटी में। इस इलाके में कई सारे विश्व धरोहर स्थल, मंदिर और मठ स्थित हैं।
पानी का अभाव, संकरी गलियां और आपस में सटी इमारतों की वजह से काठमांडू और आसपास के ललितपुर और भक्तपुर शहरों में स्थितियां ऐसी हैं कि यदि यहां एक भी चिंगारी छिटक कर आ जाए तो पूरे इलाके को खाक कर सकती है।
माओवादियों के 10 वर्षो के हिंसक संघर्ष के दौरान यहां आतिशबाजी पर प्रतिबंध लगा दिया गया था ताकि माओवादी इन विस्फोटकों का इस्तेमाल न कर सकें।
प्रतिबंध के बावजूद हालांकि हाल के वर्षो में दीपावली के मौके पर नेपाल में आतिशबाजी के इस्तेमाल में आई वृद्धि से प्रशासन की चिंताएं बढ़ गई हैं।
पुलिस ने शुक्रवार को कहा कि उसने तराई के सरलाही और धनुषा जिलों से थानकोट पहुंची तीन बसों से 350 किलोग्राम पटाखे जब्त किए हैं।
ठीक उसी दिन बीरगंज से आ रही एक चौथी बस से भी दो काटरून पटाखे जब्त किए गए।
पिछले सप्ताह से लेकर अब तक पुलिस ने 1,300 किलाग्राम से अधिक विस्फोटक जब्त किए हैं।
यहां पटाखों को बेचना एक दंडनीय अपराध है और पिछले वर्ष पुलिस की गिरफ्त में आए एक व्यापारी को विस्फोटक कानून के तहत निरुद्ध किया गया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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