आंध्र में बाढ़ की स्थिति गंभीर, कर्नाटक में राहत (लीड-1)

सेना के हेलीकॉप्टरों ने फंसे हुए लोगों के लिए भोजन के पैकेट भी गिराए हैं। बाढ़ के कारण कर्नाटक में 100 से ज्यादा और आंध्र प्रदेश में 30 लोगों की मौत हुई है। अधिकांश मौतें ग्रामीण इलाकों में मकानों के ढहने या बाढ़ में बहने से हुईं हैं।

आंध्र प्रदेश के बाढ़ग्रस्त इलाकों में राहत और बचाव कार्यो में सेना के 15 हेलीकॉप्टरों और करीब 600 जवानों को तैनात किया गया है।

हेलीकॉप्टर बेंगलुरू, तिरुपति और विजयवाड़ा से उड़ान भर रहे हैं और बुरी तरह प्रभावित कुरनूल तथा महबूबनगर जिलों में भोजन और पानी के पैकेट गिरा रहे हैं। यहां हजारों लोग दो दिनों से फंसे हैं। अधिकारियों ने हेलीकॉप्टरों से गिराए जाने के लिए भोजन और पानी के 200,000 पैकेट तैयार किए हैं।

आपदा प्रबंधन के आयुक्त दिनेश कुमार ने शनिवार को संवाददाताओं को बताया कि कुरनूल जिले में 250, महबूबनगर में 170 और कृष्णा जिले में सेना के 150 जवानों को बचाव एवं राहत कार्यो में लगाया गया है।

तमिलनाडु, पुणे और भुवनेश्वर से आपदा प्रबंधन कार्रवाई बल के सदस्य भी बाढ़ग्रस्त इलाके में पहुंच गए।

राज्य की गृह मंत्री पी. सबिता इंद्रा रेड्डी ने बताया कि कुरनूल जिले में सेना के जवान 48 मशीनी नौकाओं के साथ पहुंच गए हैं। कृष्णा नदी में आई बाढ़ से कुरनूल और उसके आसपास के दर्जनों गांव पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं।

मंत्री ने बताया कि महबूबनगर जिले में भी 15 मशीनी नौकाएं भेजी गई हैं।

प्रशासन ने शुक्रवार रात ही कुरनूल कस्बे के लोगों से सुरक्षित जगहों की चले जाने के लिए कहा था। कुरनूल की आबादी लगभग 500,000 है। यहां श्रीसैलम बांध में जलस्तर खतरे का निशान पार कर गया है। जो लोग इमारतों की छतों पर हैं वे नीचे नहीं आ पा रहे हैं क्योंकि बाढ़ का पानी पांच से छह फुट तक भर चुका है।

राज्य में पिछले 100 वर्षो में यह सबसे भयावह बाढ़ है। बाढ़ की वजह से कुरनूल , महबूबनगर, गुंटूर और कृष्णा जिलों में 200,000 से अधिक लोग बेघर हो गए हैं। इन जगहों पर बाढ़ की वजह से फसलें तबाह हो गई हैं।

अधिकारियों ने कहा है कि राज्य में पिछले तीन दिन में मूसलाधार बारिश की वजह से 30 लोगों की मौत हो गई है और कुरनूल व महबूबनगर के लगभग 100 गांवों के सैकड़ों लोग अभी भी लापता हैं।

प्रकासम बैराज और नागार्जुन बांध में भारी जलप्रवाह की वजह से विजयवाड़ा, कृष्णा व गुंटूर के दूसरे हिस्सों के भी जलमग्न होने का खतरा मंडरा रहा है। विजयवाड़ा के निचले इलाकों से शुक्रवार रात लोगों का पलायन जारी रहा।

उधर कर्नाटक के बाढ़ प्रभावित उत्तरी जिलों में फंसे सैकड़ों लोगों के लिए शनिवार को ब्रेड, बिस्कुट और पानी के10,000 से अधिक पैकेट हेलीकॉप्टर के जरिए गिराए गए।

कर्नाटक में बुधवार से हो रही मूसलाधार बारिश से आई बाढ़ की वजह से बीजापुर, रायचूर, बेलगाम, बीदर, गुलबर्गा, कोपाल, बेल्लारी, देवनगरी और चिकबल्लापुर जिलों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 101 तक पहुंच गई है। हालांकि अपुष्ट खबरों के अनुसार कर्नाटक के बाढ़ प्रभावित 29 जिलों में मरने वालों की संख्या 140 से अधिक हो गई है।

राज्य आपदा प्रबंधन समिति के प्रवक्ता ने आईएएनएस को बताया, " बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी के बचाव दल राहत कार्यो में जुटे हैं। छह हेलीकॉप्टरों और 32 नावों की मदद से करीब 105 सदस्य बचाव कार्यो में लगे हैं।"

गौरतलब है कि बाढ़ प्रभावित जिलों में 455 खाद्य केंद्र स्थापित किए गए हैं। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी.एस येदियुरप्पा ने शनिवार को बाढ़ प्रभावित जिलों का हवाई सर्वेक्षण किया। रेल और सड़क संचार चौथे दिन भी ठप रहा।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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