मधुमेह रोगियों के लिए कारगर है 'ताई ची'
'ताई ची' एक प्राचीन मार्शल आर्ट है, जिसमें धीमी गति से लंबी सांस ली जाती है और धीरे-धीरे सांसा छोड़ा जाता है।
इसके लिए मधुमेह से पीड़ित युवाओं पर अध्ययन किया गया। पहले इन युवाओं ने छह महीने तक घर में प्रति सप्ताह तीन दिन 'ताई ची' व्यायाम किया। इसके बाद 'ताई ची' कार्यक्रम में प्रति सप्ताह दो दिन यह व्यायाम किया। परिणामस्वरूप इन युवाओं के रक्त में ग्लूकोज का स्तर कम हुआ जिससे उनका मानसिक स्वास्थ्य बेहतर हुआ और जीवन में नई जीवंतता और ऊर्जा का संचार हुआ।
'यूनिवर्सिटी ऑफ फ्लोरिडा (यूएफ) कॉलेज ऑफ नर्सिग' के प्रोफेसर बेवरली रॉबर्ट्स का कहना है, "मधुमेह के नियंत्रण में 'ताई ची' का वास्तव में वही महत्व है जो कि अन्य एरोबिक व्यायामों का है। अन्य तीव्र व्यायामों की अपेक्षा 'ताई ची' हड्डियों, जोड़ों और मांसपेशियों के लिए कम तनावपूर्ण होता है।"
रॉबर्ट्स ने 'छुंगहम नेशनल यूनीवर्सिटी' के रायून सांग के साथ संयुक्त रूप से कोरियाई लोगों पर यह अध्ययन किया।
अध्ययन में 62 प्रतिभागी शामिल हुए। प्रतिभागियों में ज्यादातर कोरियाई महिलाएं थीं।
अमेरिका में 2.36 लाख बच्चे और युवा मधुमेह के शिकार हैं या कह सकते हैं कि यहां की जनसंख्या का 7.8 प्रतिशत हिस्सा इस बीमारी से ग्रस्त है।
व्यायाम से मोटापा, सुस्त जीवन शैली, खाने-पीने की अस्वास्थ्यकारी आदतों, उच्च रक्तचाप और कोलेस्ट्रोल पर नियंत्रण पाया जा सकता है।
रॉबर्ट्स ने कहा, "लोगों को लगता है कि व्यायाम करते हुए जब तक वह हांफने न लगें, उन्हें पसीना न आ जाए और उनका चेहरा लाल न हो जाए तब तक तब तक व्यायाम कारगर नहीं होता। जबकि ऐसा नहीं है। 'ताई ची' जैसा व्यायाम बहुत प्रभावशाली सिद्ध होता है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications