ब्रितानी सिख को बड़ा हर्जाना

ब्रिटेन में एक सिख पुलिसकर्मी को पगड़ी उतरवाए जाने पर 10 हज़ार पाउंड का हर्जाना मिला है.
ग्रेटर मैनचेस्टर पुलिस ने 31 वर्षीय गुरमील सिंह को दंगा निरोधक प्रशिक्षण के लिए पगड़ी उतार कर हैलमेट पहनने पर मजबूर किया था, लेकिन अदालत ने अपने फ़ैसले में कहा कि गुरुमील सिंह के साथ अप्रत्यक्ष भेदभाव किया गया और उन्हें मानसिक उत्पीड़न का शिकार बनाया गया.
गुरमील सिंह ने पुलिस विभाग के ख़िलाफ 15 मामाले दर्ज करवाए थे, जिनमें से दो में फैसला उनके पक्ष में हुआ.
इस मामले में अदालत को बताया गया कि पुलिस सार्जेंट ने गुरमील सिंह से कहा क्या आप अपने सर से वो चीज़ उतार सकते हैं.
ग्रेटर मैनचेस्टर की रोज़गार अदालत के न्यायधीश मरे क्रीड ने कहा कि गुरमील सिंह को पगड़ी उतारने के लिए मजबूर करके, उनके सम्मान को ठेस पंहुचाई गई है.
अदालत ने अपने फ़ैसले मे कहा कि गुरमील सिंह के साथ हुए अप्रत्यक्ष भेदभाव के लिए साढ़े तीन हज़ार पाउंड और मानसिक उत्पीड़न तथा उनकी भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए साढ़े 6 हज़ार पाउंड का हर्जाना दिया जाए.
गुरमील सिंह ने कहा कि पगड़ी उतरवाए जाने की इस घटना के बाद पुलिस विभाग के साथ उपजे विवाद के दौरान उन्हें अवसाद, मानसिक तनाव और हृदयगति अव्यवस्थित होने की शिकायत होने लगी जिसके कारण उन्हें छुट्टी पर भी जाना पड़ा.
गुरमील सिंह सिख धर्म के अनुयायी हैं और सार्वजनिक स्थल पर पगड़ी उतारना या उसमें सुधार करना उनके धर्म के ख़िलाफ़ है.
गुरमील सिंह सन 2004 में ग्रेटर मैनचैस्टर पुलिस में भर्ती हुए थे.


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