जयपुर में 'गांधी दर्शन' प्रदर्शनी शुरू
प्रदर्शनी में गांधी जी के बाल्य अवस्था से लेकर स्वतंत्रता आन्दोलन, सत्याग्रह आन्दोलन, डांडी मार्च, गांधी जी के अन्तिम प्रार्थना सभा में जाते हुए, लार्ड और लेडी माउन्टबैटन के साथ, लाल किले से सम्बोधन, बिड़ला भवन नई दिल्ली में 18 जनवरी, 1948 में किये गये अनशन के अंतिम दिन की फोटो एवं गांधीजी नोआखाली में 1946 के फोटो भी प्रदर्शित किए गए हैं।
प्र्दशनी के जरिये गांधीजी के सेवाग्राम आश्रम एवं ग्राम स्वराज के विचार, गांधीजी के जीवन के उद्देश्य, उनके लिए महिलाओं का स्थान, गांधीजी का जन्तर, बापू के आश्रम में मानव परिवर्तन की रूपरेखा के विचारों को देखा और पढ़ा जा सकता है।
प्रदर्शनी में गांधी जी के दक्षिण अफ्रीका में विभिन्न विचारधाराओं का संगम, गांधी जी की शिक्षा, विवाह एवं सार्वजनिक जीवन आरम्भ होने वाले ऐतिहासिक चित्रों को भी देखा जा सकता है।
प्र्दशनी में गांधी जी के साम्प्रदायिक सद्भावना के प्रति विचार, गांधाजी की लंदन गोलमेज अधिवेशन में स्वदेशी की महत्वता पर विचार, गांधी-युग आरम्भ 1915-1921, सत्याग्रह का जन्म, भारत विभाजन के बाद भारी देशान्तरण के चित्र, गांधी जी के ये विचार कि गांवों का नाश होता है तो भारत का भी नाश हो जायेगा, महात्मा गांधी शांतिदूत थे, अस्पृश्यता मानवता पर कलंक, गांधी जी का अब्दुल गफ्फार खान व डॉ. हुसैन के साथ के चित्रों के साथ ही उनके ये विचार कि मुझे दुनिया को कोई नई चीज नहीं सिखानी है, सत्य और अहिंसा अनादिकाल से चले आ रहे हैं, आज की पीढ़ी के लिये काफी प्रेरणास्पद होंगे। यह प्रदर्शनी 8 अक्टूबर तक प्रतिदिन आम नागरिकों के लिए खुली रहेगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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