पूर्ण स्वराज के लिए पंचायती राज संस्थाओं की मजबूती आवश्यक : सोनिया
सोनिया गांधी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पंचायती राज की स्वर्ण जयंती के अवसर पर शुक्रवार को नागौर जिला मुख्यालय पर आयोजित जनसभा को संबोधित कर रही थीं। गांधी ने दीप प्रज्जवलित कर पंचायती राज के स्वर्ण जयन्ती समारोह का शुभारम्भ किया। उल्लेखनीय है कि अक्टूबर, 1959 को प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने नागौर में ही दीप प्रज्जवलित कर देश में पंचायती राज व्यवस्था की नींव रखी थी।
सोनिया गांधी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी ने प्रजातंत्र के मूल आधार 'पंचायती राज' को सुदृढ़ करने का बीड़ा उठाया और पंचायती राज संस्थाएं जो कमजोर होने लग गई थी, को कानूनी दर्जा देने की शुरुआत की। इसके पश्चात इन संस्थाओं के नियमित चुनाव होने लगे और आज देश में 12 लाख से अधिक बहनें इन संस्थाओं के माध्यम से अपनी आवाज बुलन्द कर रहीं हैं।
संप्रग अध्यक्ष ने कहा कि कमजोर मानसून के कारण पूरे देश को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, जिसका मुकाबला मिलजुल कर ही किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हर बड़ा कार्य संकल्प से ही शुरू होता है और उसे मिलजुल कर पूरा किया जा सकता है। नरेगा ऐसा ही एक संकल्प है। उन्होंने बापू के सन्देश 'सामाजिक एकता व शांति' से ही देश तरक्की कर आगे बढ़ सकता है को पूरा करने का आह्वान किया।
गांधी ने इस अवसर पर देश की प्रथम जिला प्रमुख कोटा की नगेन्द्रा बाला, राजस्थान के प्रथम जिला प्रमुख जैसलमेर के हुकमसिंह तथा चूरू के रावत राम आर्य का शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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