दुनियाभर में महात्मा गांधी को श्रद्धा से याद किया गया (राउंडअप)
ज्ञात हो कि संयुक्त राष्ट्र ने महात्मा गांधी की जयंती को अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में घोषित किया है।
उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की अध्यक्ष सोनिया गांधी और विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी ने राजघाट जाकर बापू की समाधि पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
विदेश मंत्री एस.एम.कृष्णा, रक्षा मंत्री ए.के.एंटनी, दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित, विदेश राज्यमंत्री शशि थरूर और कृष्णा तीरथ भी राजघाट पहुंची।
राजघाट पर विभिन्न धर्म और समुदायों के लोगों ने प्रार्थना सभा में हिस्सा लिया।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने एक समारोह में राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (नरेगा) का नाम बदलकर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना कर दिया। उन्होंने कहा, "ग्राम स्वराज में हमेशा विश्वास रखने वाले महात्मा के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करने का यह हमारा छोटा-सा प्रयास है।"
मनमोहन सिंह, संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कई मंत्रियों व सांसदों के साथ यहां संसद भवन में महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
राजधानी में गांधी से जुड़े तमाम स्थलों पर नागरिकों की भीड़ थी।
राजघाट स्थित राष्ट्रीय गांधी संग्रहालय में बापू से संबंधित वस्तुओं की प्रदर्शनी देखने के लिए बच्चे अपने माता-पिता के साथ आए हुए थे। बाबू से जुड़ी वस्तुओं को देखना बच्चों के लिए कुतूहल का विषय था।
अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अपने विशेष संदेश में कहा, "अमेरिका की जड़ें महात्मा गांधी के भारत में और उनके अहिंसक सामाजिक आंदोलन में निहित हैं।"
ओबामा ने कहा है, "वर्ष 1959 में मार्टिन लूथर किंग जूनियर की भारत यात्रा के दौरान महात्मा गांधी के संदेशों और आदर्शो का जो असर उनके ऊपर पड़ा था, उससे नागरिक अधिकार आंदोलन के जरिए अमेरिकी समाज में भारी बदलाव आया।"
ओबामा ने कहा है, "आज के अमेरिका की जड़ें महात्मा गांधी के भारत और भारत की आजादी के लिए उनके द्वारा किए गए अहिंसक सामाजिक आंदोलन में निहित हैं।"
ओबामा ने कहा कि अमेरिकी जनता की ओर से महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर वह उनके जीवन और संदेशों के प्रति आदर और सम्मान व्यक्त करना चाहते हैं।
ओबामा ने कहा है, "महात्मा गांधी के अहिंसक संदेश पर अपनी राय व्यक्त करने का यह एक महत्वपूर्ण क्षण है। अहिंसा का यह संदेश पूरी दुनिया में लोगों को और राजनीतिक आंदोलनों को लगातार प्रेरित करता रहेगा।"
"हम भारत के लोगों के साथ उस महान आत्मा की जयंती के जश्न में शामिल हैं, जिसने अपना पूरा जीवन न्याय, सहिष्णुता, और अहिंसक प्रतिरोध के माध्यम से बदलाव को समर्पित कर दिया था।"
ज्ञात हो कि पिछले महीने ओबामा ने कहा था कि यदि उन्हें मौका मिलता तो वह महात्मा गांधी के साथ रात्रि भोज पर बैठना पसंद करते।
गूगल ने अपने मुख पृष्ठ पर अपने पहले अक्षर 'जी' की जगह महात्मा गांधी का आकर्षक रेखा चित्र लगाया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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