श्रीलंका उच्चायोग पर हमला, कोलंबो चकित (लीड-1)
श्रीलंका ने इस मुद्दे पर भारतीय विदेश मंत्रालय से बात की है।
श्रीलंका उच्चायोग में प्रथम सचिव एस.गुणरत्ने ने आईएएनएस से कहा, "हम चकित हैं। हमने इस मुद्दे पर विदेश मंत्रालय और दिल्ली पुलिस से बात की है। हम इस बारे में मंत्रालय को लिखित भी भेज रहे हैं।"
तमिलों का यह समूह चाणक्यपुरी इलाके में स्थित उच्चायोग की दीवार फांद कर अंदर पहुंच गया और वहां परिसर में रखे फूलों के 10-15 गमले तोड़ डाले। यह घटना अपराह्न् लगभग तीन बजे घटी।
गुणरत्ने ने कहा, "अपराह्न् में लगभग 40-50 लोग वहां श्रीलंका विरोधी नारे लगा रहे थे। वे तमिलों जैसे लग रहे थे और श्रीलंका सरकार के विरोध में नारे लिखी तख्तियां हाथ में लिए हुए थे।"
गुणरत्ने ने कहा, "इसी दौरान लगभग 10 लोग मुख्य द्वार को फांद कर अंदर पहुंच गए। छुट्टी का दिन होने के कारण वहां आसपास कोई कर्मचारी नहीं था। उन्होंने नारे लगाए और फूलों के कुछ गमले तोड़ डाले।"
गुणरत्ने ने कहा कि श्रीलंकाई सुरक्षा बलों ने उन पर काबू पा लिया। लेकिन किसी को गिरफ्तार नहीं किया जा सका।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (नई दिल्ली) एस.दास ने आईएएनएस को बताया, "इस हमले में कोई घायल नहीं हुआ है। यह सब मुश्किल से दो मिनट में घट गया। पुलिस के हरकत में आने के पहले ही वे फरार हो गए थे। इस कारण किसी को गिरफ्तार नहीं किया जा सका।"
दास ने कहा, "ये लोग तमिल थे और वे श्रीलंका में तमिलों का समर्थन कर रहे थे। वे पूरी तरह तैयार थे और समाचार चैनल के संवाददाताओं के साथ वहां पहुंचे थे। हम समाचार चैनल से वीडियो फुटेज मंगा रहे हैं ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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