'सख्त वैश्विक कार्बन बजट की आवश्यकता'
डब्ल्यूडब्ल्यूएफ का कहना है कि जलवायु परिवर्तन को रोकने और बढ़ते तापमान को दो डिग्री सेल्सियस तक कम करने के लिए अमीर और गरीब राष्ट्रों के बीच 2050 तक के लिए वैश्विक कार्बन बजट के स्पष्ट वितरण की आवश्यकता है।
'ईकोफायज' के शोध, गणनाओं और परीक्षणों पर आधारित यह रिपोर्ट शुक्रवार को 'एक वैश्विक कार्बन बजट के तहत प्रयासों की हिस्सेदारी' नाम से प्रकाशित हुई। रिपोर्ट में वर्ष 1990 के वैश्विक कार्बन उत्सर्जन से तुलना करते हुए इसके 2050 तक 80 प्रतिशत तक व 2030 तक 30 प्रतिशत तक कम होने की उम्मीद है।
डब्ल्यूडब्ल्यूएफ में वैश्विक ऊर्जा नीति के निदेशक स्टीफन सिंगर ने कहा, "जलवायु परिवर्तन के खतरनाक परिणामों को दूर रखने के लिए विभिन्न सरकारों को वैश्विक कार्बन बजट को सख्ती से अपनाने की आवश्यकता है।"
उन्होंने कहा, "यदि सरकारें वैश्विक कार्बन बजट को सख्ती से लागू नहीं करती हैं तो हम जलवायु अव्यवस्था के शिकार हो जाएंगे। पृथ्वी पर कार्बन की संतुलित मात्रा होना जरूरी है। हमारे पास केवल एक ग्रह है और इसके लिए एक उत्सर्जन बजट की आवश्यकता है।"
"एक वैश्विक कार्बन बजट उत्सर्जन पर एक वैश्विक टोप की भांति कार्य करेगा।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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