आईएसआई-तालिबान के रिश्ते बरकरार: अमेरिकी सीनेटर
वाशिंगटन, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। एक प्रभावशाली अमेरिकी सीनेटर का कहना है कि अमेरिका के लिए पाकिस्तान की सैन्य और खुफिया संस्थाओं के साथ आपसी विश्वास का रिश्ता कायम करना आसान नहीं है क्योंकि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और तालिबान के बीच रिश्ते अभी भी बरकरार हैं।
सीनेट की विदेशी मामलों की समिति के अध्यक्ष डेमोक्रेट जॉन कैरी ने गुरुवार को 'पाकिस्तान पर अफगानिस्तान का प्रभाव' पर बोलते हुए कहा 'हमे इस रिश्ते को ठीक करना होगा'।
उन्होंने कहा कि अमेरिकी कांग्रेस ने इस दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए एक विधेयक को मंजूरी दी है जिसके तहत पाकिस्तान को मिलने वाली असैन्य सहायता को तीन गुना कर दिया है। अब पकिस्तान को अगले पांच साल तक सालाना 1.5 अरब डॉलर की मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा, " यह एक अहम उपलब्धि है लेकिन इससे सभी समस्याओं का समाधान नहीं होगा। कैरी ने कहा कि यह विधेयक पाकिस्तान के लोगों की आकांक्षाओं की जमीन पर रिश्ते मजबूत बनाने की हमारी प्रतिबद्धता प्रदर्शित करता है।
कैरी ने कहा,"यह किसी से छिपा नहीं है कि पाकिस्तान के साथ हमारे संबंधों मे कभी-कभी तनाव आता रहता है।"
उन्होंने पिउ रिसर्च सेंटर के एक नए सर्वे का हवाला देते हुए कहा, "बहुत से पाकिस्तानी मानते हैं कि अमेरिका अपने रणनीतिक मकसद के लिए उनका शोषण कर रहा है। हर तीन पाकिस्तानी नागरिक में से दो पाकिस्तानी नागरिक अमेरिका को दुश्मन मानते हैं और 10 पाकिस्तानी नागरिकों में से सिर्फ एक नागरिक अमेरिका को सहयोगी मानता है।
कैरी ने कहा कि राष्ट्रपति बराक ओबामा और उनके सहयोगी अफगानिस्तान के लिए कारगर रणनीति तैयार करने की दिशा में काम कर रहे हैं। हालांकि कैरी ने चेताया कि यह बात मायने नहीं रखती कि अफगानिस्तान में हम कौन सी रणनीति अपनाते है। हमें यह जानना चाहिए कि अफगानिस्तान में हम जो भी कदम उठाएंगे पाकिस्तान में उसकी प्रतिक्रया दिखाई देगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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