ओबामा को और वक़्त चाहिए

अमरीकी प्रशासन का कहना है की राष्ट्रपति बराक ओबामा को अफगानिस्तान में अमरीकी रणनीति की समीक्षा करने में अभी कई हफ्ते और लगेंगे.
इस समीक्षा के बाद ही बराक ओबामा अफगानिस्तान में अमरीकी सैनिकों की संख्या बढ़ाने के विषय में फैसला लेंगे.
व्हाइट हाउस द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इस सिलसिले में अपने वरिष्ठ सलाहकारों के साथ विचार-विमर्श किया है.
इस बयान में कहा गया है की राष्ट्रपति ओबामा का उद्देश्य है कि अल का़यदा को रोका जा सके और उसे तहस-नहस किया जाए.
इस बैठक में उप-राष्ट्रपति जो बाइडेन, रक्षा सचिव रॉबर्ट गेट्स और अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन शामिल हुए. जबकि जनरल स्टेनली मैक्रिस्टल ने वीडियो लिंक के ज़रिये अफगानिस्तान से बैठक में हिस्सा लिया.
अफगानिस्तान में अमरीका के सबसे बड़े सैन्य अधिकारी जनरल स्टेन्ली मैक्रिस्टल पहले ही चेतावनी दे चुके है कि और संसाधनों के बिना अफगानिस्तान में अमरीकी मिशन खटाई में पड़ सकता है.
रिपोर्टों के मुताबिक जनरल मैक्रिस्टल चाहते हैं कि अफगानिस्तान में 40,000 अमरीकी सैनिक और भेजे जाएं.
हालांकि अमरीकी रक्षा मंत्रालय अफगानिस्तान में अमरीकी सैनिकों की संख्या बढ़ाने के पक्ष में है, पर बराक ओबामा के कुछ ख़ास सलाहकार-जिसमे उप राष्ट्रपति जो बाइडेन शामिल हैं, इस मामले में एहतियात बरतने की सलाह दे रहे हैं.
रणनीति पर पुनर्विचार
ग़ौरतलब है कि शनिवार को अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी जनरल मैक्रिस्टल ने एक रिपोर्ट सौंपी थी जिसमें अतिरिक्त सैनिकों को तैनात करने का अनुरोध किया गया था. साथ ही उन्होंने चेतावनी भी दी थी कि यदि ऐसा नहीं होता है तो अफ़ग़ानिस्तान में अमरीका असफल भी हो सकता है.
हाल ही में अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने नैटो के महासचिव एंडर्स फ़ॉग रासमुसेन से मुलाक़ात के बाद ज़ोर देकर कहा था कि अफ़ग़ानिस्तान में जारी जंग 'केवल अमरीका का युद्ध नहीं' है.
इस बीच अफ़ग़ानिस्तान में सैन्य अभियान के लिए जनसमर्थन गिरा है और अमरीकी राष्ट्रपति के कार्यालय में भी इस विषय पर मतभेद की ख़बरें सामने आई हैं.


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