इंडोनेशिया में भूकंप से मरने वालों की संख्या 467 हुई (लीड-2)
समाचार एजेंसी डीपीए के मुताबिक सामाजिक मामलों के मंत्रालय में अधिकारी तुगिओ बासरी ने गुरुवार को बताया कि पश्चिमी सुमात्रा के पांच जिलों में सबसे ज्यादा मौते हुई हैं। प्रांतीय राजधानी पदांग में सबसे ज्यादा तबाही हुई है।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी का कहना है कि ढही इमारतों के मलबे में अभी भी हजारों लोग दबे हैं। इससे पहले स्वास्थ्य मंत्री सिती फदिलाह ने कहा कि मरने वालों की संख्या 1,000 तक पहुंच सकती है।
अधिकारियों ने बताया कि सुमात्रा के जांबी प्रांत की राजधानी में गुरुवार सुबह भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। इनमें जानमाल के नुकसान की अभी कोई खबर नहीं मिली है। भूकंप की तीव्रता 7.0 मापी गई।
केरिंकी जिले में अधिकारी रोमी सुवांतो ने कहा, "गुरुवार को भूकंप के झटकों के बाद अफरा-तफरी मच गई। बुधवार को आया भूकंप ज्यादा शक्तिशाली था।"
स्थानीय चैनल 'टीवी वन' ने एक स्कूल से मलबा हटाए जाने की तस्वीरें जारी की हैं। वहां खड़े परिजनों का कहना है कि मलबे में अभी भी 40 बच्चे दबे हुए हैं।
अपनी 13 वर्षीय बेटी के मलबे में दबे होने की आशंका के मद्देनजर एक महिला ने कहा, "मैं यहां तब तक प्रतीक्षा करुंगी जब तक मेरी बच्ची नहीं मिल जाती।"
उधर, सरकार के छह मंत्री पदांग के लिए रवाना हो गए। जकार्ता से दो सैन्य विमानों से चिकित्सकों एवं तंबू और दवाओं सहित जरूरी राहत सामग्री भी पदांग भेजी गई है।
गौरतलब है कि बुधवार सुबह सुमात्रा के पश्चिमी तट पर रिक्टर पैमाने पर 7.6 तीव्रता वाले भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। इसके 22 मिनट बाद ही 6.2 की तीव्रता वाले भूकंप के झटके महसूस किए गए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*


Click it and Unblock the Notifications