इंडोनेशिया भूकंप में मृतकों की संख्या 529 हुई, मलबे में हजारों फंसे (लीड-3)
समाचार एजेंसी डीपीए के मुताबिक रिक्टर पैमाने पर 7.6 की तीव्रता वाले भूकंप से प्रांतीय राजधानी पदांग में सबसे ज्यादा तबाही हुई है। पदांग में 376 लोगों की मौत होने और 100 से अधिक के घायल होने की सूचना है।
सामाजिक मामलों के मंत्रालय के समन्वय अधिकारी नोविअंतो ने बताया कि मृतकों की संख्या और भी बढ़ने की आशंका है क्योंकि हजारों लोग मलबे में फंसे हुए हैं।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी की वेबसाइट पर कहा गया है कि हजारों लोग अभी भी मलबे में फंसे हैं।
इससे पहले स्वास्थ्य मंत्री सिती फदीलाह सुपारी ने कहा था कि भूकंप से हजारों लोगों की मौत हो सकती है। उन्होंने जावा के केंद्रीय शहर योगीआकार्ता में वर्ष 2006 में भूकंप से हुए नुकसान से अभी अधिक तबाही की आशंका जताई, जब 5,800 लोगों की मौत हुई थी और 150,000 से अधिक इमारतों को नुकसान पहुंचा था।
सामाजिक मामलों के मंत्रालय में अधिकारी तुगिओ बासरी ने गुरुवार को बताया कि पश्चिमी सुमात्रा के पांच जिलों में सबसे ज्यादा मौतें हुईं हैं।
अधिकारियों ने बताया कि सुमात्रा के जांबी प्रांत की राजधानी में भी गुरुवार सुबह भूकंप का झटका महसूस किया गया। इनमें जानमाल के नुकसान की अभी कोई खबर नहीं मिली है। भूकंप की तीव्रता 7.0 मापी गई।
केरिंकी जिले में अधिकारी रोमी सुवांतो ने कहा, "गुरुवार को भूकंप के झटकों के बाद अफरा-तफरी मच गई। बुधवार को आया भूकंप ज्यादा शक्तिशाली था।"
स्थानीय चैनल 'टीवी वन' ने एक स्कूल से मलबा हटाए जाने की तस्वीरें जारी की हैं। वहां खड़े परिजनों का कहना है कि मलबे में अभी भी 40 बच्चे दबे हुए हैं।
अपनी 13 वर्षीय बेटी के मलबे में दबे होने की आशंका के मद्देनजर एक महिला ने कहा, "मैं यहां तब तक प्रतीक्षा करुंगी जब तक मेरी बच्ची नहीं मिल जाती।"
उधर, सरकार के छह मंत्री पदांग के लिए रवाना हो गए। जकार्ता से दो सैन्य विमानों से चिकित्सकों एवं तंबू और दवाओं सहित जरूरी राहत सामग्री पदांग भेजी गई है।
गौरतलब है कि बुधवार सुबह सुमात्रा के पश्चिमी तट पर रिक्टर पैमाने पर 7.6 तीव्रता वाले भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। इसके 22 मिनट बाद ही 6.2 की तीव्रता वाले भूकंप के झटके महसूस किए गए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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