भारत और चीन की अगुवाई में बढ़ेगी वैश्विक अर्थव्यवस्था (लीड-1)

वाशिंगटन, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। सदी की सबसे भयंकर मंदी से वैश्विक अर्थव्यवस्था को उबारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले भारत और चीन आने वाले समय में विश्व अर्थव्यवस्था की अगुवाई करेंगे। इस साल इन दोनों एशियाई देशों की अर्थव्यवस्थाएं क्रमश: 5.4 और 8.5 फीसदी की दर से विकास करेंगी।

अंतर्राष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) ने 'विश्व आर्थिक आकलन अक्टूबर 2009' में कहा, " बड़े पैमाने पर नीतिगत प्रोत्साहन पैकेजों के कारण दोनों देशों की घरेलू मांग में तेजी से बढ़ोतरी हुई है जिससे मंदी के कारण ठप वैश्विक विनिर्माण क्षेत्र में गतिविधियां फिर से शुरू हो रही हैं। भारत और चीन उभरती और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं की अगुवाई कर रहे हैं।"

आर्थिक आकलन में एशिया के आर्थिक परिदृश्य में आए सकारात्मक बदलाव को उल्लेखनीय बताते हुए कहा गया है कि वैश्विक वित्तीय संकट के दौर में बाहरी मांग में जबरदस्त गिरावट आने के कारण एशिया के निर्यातकों को तगड़ा झटका लगा।

आईएमएफ की रिपोर्ट में कहा गया है कि बाहरी मांग में गिरावट के कारण निर्यात पर आधारित अर्थव्यवस्थाओं की कमर टूट गई। सिर्फ चीन, इंडोनेशिया, और भारत की अर्थव्यवस्थाएं बड़े पैमाने पर नीतिगत प्रोत्साहन के कदम उठाए जाने के कारण मंदी का बेहतर तरीके से सामना कर सकीं। भारत की अर्थाव्यवस्था में निर्यात का योगदान काफी कम है। वित्तीय और मौद्रिक समर्थन के कारण वित्तीय बाजार की चिंताएं कम हुई और चीन और भारत को घरेलू मांग बढ़ाने में मदद मिली।

आईएमएफ के अनुसार मंदी से बुरी तरह प्रभावित हुई विकसित देशों की अर्थव्यवस्थाएं सरकारों द्वारा उठाए गए प्रोत्साहन कदमों के परिणामस्वरूप अब स्थिरता की राह पर हैं।

भारत और चीन की अर्थव्यवस्थाओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती सरकार के प्रोत्साहन उपायों के बिना विकास की मौजूदा रफ्तार को बनाए रखने की है। इस बात को लेकर चिंता है कि सरकार जब प्रोत्साहन उपायों को वापस ले लेगी तो बाजार को झटका तो नहीं लगेगा।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+