केरल नौका दुर्घटना से बचा जा सकता था : न्यायाधीश (लीड-1)
कुरूप ने राज्य में वर्ष 2002 में इसी प्रकार के एक हादसे की जांच की थी। उन्होंने कहा कि यदि राज्य में जल यातायात सुरक्षा आयुक्त की नियुक्ति की जाती तो ऐसे हादसे से बचा जा सकता था।
थेक्कडी में बुधवार शाम हुई नौका दुर्घटना में 42 लोगों की मौत हो गई, जिसमें कम से कम 12 दिल्ली के थे। यह हादसा बुधवार शाम 5.15 बजे हुआ था जब 76 पर्यटकों को ले रही एक नौका पेरियार वन्यजीव अभयारण्य में पलट गई थी। भारतीय नौसेना की 24 सदस्यीय टीम ने गुरुवार को मौके पर पहुंचकर शवों की तलाश शुरू कर दी थी।
कुरूप ने एक समाचार चैनल से कहा, "यह देख कर दुख होता है कि ऐसे मामलों को देखने वाला कोई नहीं है। केवल यह कहना कि नौका नई थी, सही नहीं है। मैं जानना चाहता हूं कि नौका की क्या जांच हुई थी? मेरा मानना है कि नौका में कुछ गड़बड़ी थी।"
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी नौका दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। सोनिया गांधी ने एक संदेश में कहा ,"मैं थेक्कडी में हुई नौका दुर्घटना में निर्दोष लोगों की मौत के बाद काफी दुखी हूं।"
इस नौका दुर्घटना में अपने परिजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति उन्होंने सहानुभूति जताई है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को कारगर कदम उठाना चाहिए जिससे इस तरह की दुर्घटना कभी नहीं होने पाए।
इस बीच मुख्यमंत्री वी.एस. अच्युतानंदन ने अपने आवास पर संवाददाताओं को बताया कि शवों को भिजवाने तथा बचाए गए पर्यटकों के इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। उन्होंने कहा कि घटना की जांच केरल उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के नेतृत्व में कराने का फैसला किया गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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