भारत यात्रा के दौरान पारगमन के मुद्दे पर बातचीत करेंगी हसीना (लीड-1)
समाचार पत्र न्यू एज ने गुरुवार को यह जानकारी दी है।
भारत और बांग्लादेश मई 2010 में एक पारगमन समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे। समझौते के तहत भारत को आशुगंज बंदरगाह का इस्तेमाल करने की सुविधा मिल जाएगी। भारत इस बंदरगाह का उपयोग त्रिपुरा में ऊर्जा संयंत्र लगाने में काम आने वाले भारी उपकरणाों को ले जाने में करना चाहता है।
बांग्लोदश की विदेश मंत्री दीपू मोनी और भारतीय नेतृत्व के बीच पिछले महीने हुई बातचीत ने प्रधानमंत्री शेख हसीना की भारत यात्रा का रास्ता तैयार कर दिया है।
विदेश मंत्री दीपू मोनी और उनके भारतीय समकक्ष एस.एम. कृष्णा के बीच 8 सितंबर को नई दिल्ली में हुई बैठक में बांग्लादेश पूर्वोत्तर भारत के त्रिपुरा में वस्तुएं ले जाने के लिए भारत को अपनी जमीन का इस्तेमाल करने की अनुमति देने के लिए तैयार है।
भारत अपने एक हिस्से से दूसरे हिस्से में वस्तुओं के परिवहन के लिए बांग्लादेश से पारगमन की मांग कर रहा है। साथ ही उसने बांग्लादेश में परिवहन ढांचे को मजबूत बनाने के लिए निवेश की पेशकश भी की है। दोनों देशों के बीच परिवहन क्षेत्र खास कर रेलवे में सहयोग बढ़ाने के लिए बातचीत चल रही है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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