बोफोर्स: यूपीए पर विपक्ष के तीर चले

क्वोत्रोकी पर बोफोर्स तोप सौदे में सात अरब रुपये की दलाली लेने का आरोप है और अब केंद्र सरकार ने उसके खिलाफ सभी मामले बंद करने का सर्वोच्च न्यायालय से आग्रह किया है। सरकार के इस निर्णय की ओर संकेत करते हुए भाजपा प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने कहा, "क्वोत्रोकी की ऊंची पहुंच है। इसके कारण वह हमेशा बचता गया है।"
सरकार का चरित्र उजागर हुआ
प्रसाद ने कहा, "यह दुर्भाग्यपूर्ण है और हम इसकी निंदा करते हैं। जिस तरीके से क्वोत्रोकी को बचाने की कोशिश की जा रही है उससे कांग्रेस नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार का चरित्र उजागर हो गया है। ऐसा लगता है कि क्वोत्रोकी को बरी करने की यह कोशिश संभवत: किसी अन्य व्यक्ति को बचाने की योजना का हिस्सा है।"
वहीं अन्य विपक्षी दलों का कहना है कि यूपीए सरकार क्वात्रोकी के पीछे किसी कांग्रेसी नेता को बचाने की कोशिश कर रही है। यह बात तय है कि अगर केस की फाइल बंद हो गई तो इसके पीछे कई राज़ दफ्न हो जाएंगे। क्वात्रोची पर 24 मार्च 1986 में हुए 1437 करोड रूपए के बोफोर्स तोप सौदे में कमीशन लेने का आरोप है।
क्वात्रोची को गांघी परिवार के बेहद नजदीकी लोगों में गिना जाता है और उस पर स्वीडन से बोफोर्स तोपों की खरीद में करोडो रूपए की दलाली खाने का आरोप है। ये तोपे उस समय खरीदी गयी थी जब राजीव गांघी देश के प्रघानमंत्री थे।












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