पंडाल ढहने से 22 घायल, सड़क दुर्घटनाओं में 8 की मौत
यह जानकारी देते हुए पुलिस के प्रवक्ता नेपाल दास ने कहा, "बांस और लकड़ी से बना 65 फीट ऊंचा पंडाल मंगलवार रात ढह गया। घटना के समय पंडाल पांच-दिवसीय उत्सव के अंतिम दिन प्रतिमाएं देखने पहुंचे श्रद्धालुओं से भरा हुआ था।"
उन्होंने बताया, "22 घायलों में से 17 की हालत गंभीर है। गोबिंद बल्लभ पंत चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में घायलों का इलाज चल रहा है।"
यद्यपि नवरात्र के बाद दशहरा के दिन देवी दुर्गा की प्रतिमाएं विसर्जित की गई थीं, पर कुछ श्रद्धालु बुधवार तक विसर्जन कर रहे हैं। पंडाल को मुंबई के ताजमहल होटल (जिस पर 26 नवंबर 2008 को आतंकवादी हमला हुआ था) का रूप दिया गया था।
राज्य सरकार ने दुर्घटना की जांच के आदेश दिए हैं और मुख्यमंत्री मानिक सरकार ने बुधवार को घटना स्थल का दौरा किया।
इस बीच त्रिपुरा के अलग-अलग इलाकों में हुई चार सड़क दुर्घटनाओं में पंडालों में पहुंचने के लिए निकलने वाले आठ लोगों की मृत्यु हो गई। मरने वालों में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) का एक जवान और एक शासकीय चिकित्सक शामिल हैं।
मोटरसाइकिलों के अन्य दोपहिया वाहनों से टकराने से ये चारों दुर्घटनाएं हुईं। आठ घायलों में से पश्चिमी त्रिपुरा में छह की और उत्तरी त्रिपुरा में दो लोगों की मृत्यु हुई है। शुक्रवार और मंगलवार के बीच यह मौतें हुईं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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