भारत भेजने से पहले मिग विमानों का परीक्षण
समाचार एजेंसी रिया नोवोस्ती के मुताबिक कंपनी ने बुधवार को कहा, "28 से 29 सितंबर के बीच किए गए परीक्षण के दौरान मिग-29के और मिग-29 केयूबी ने विमानवाहक पोत एडमिरल कुजनेत्सोव के डेक से कई उड़ानें भरीं। एडमिरल कुजनेत्सोव रूसी नौसेना में एक मात्र विमान वाहक पोत है।
भारत और रूस ने 20 जनवरी, 2004 को 1.5 अरब डॉलर के सौदे के तहत एक सीट वाले 12 मिग-29के और दो सीटों वाले चार मिग 29 केयूबी की आपूर्ति भारत को करने का करार किया था।
इस सौदे के तहत एडमिरल गोर्शकोव विमान वाहक पोत की आपूर्ति भी शामिल है। एडमिरल गोर्शकोव को इस समय रूस में भारतीय नौसेना की जरूरतों के मुताबिक तैयार किया जा रहा है।
इससे पहले भारतीय तकनीकी विशेषज्ञों का दल मिग लड़ाकू विमानों का निरीक्षण कर चुका है। इसके अलावा विमानों का इस्तेमाल भारतीय पायलटों के पांच महीने के प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में भी किया जा चुका है। माना जा रहा है कि ये लड़ाकू विमान अक्टूबर तक भारत पहुंचेंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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