सोशल नेटवर्किंग से रोकेंगे सड़क दुर्घटनाएं

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नई दिल्ली। सड़क पर चलते समय आप जगह-जगह यातायात नियमों के बोर्ड देखते होंगे। या फिर यातायात सप्‍ताह के दौरान पैमफ्लेट्स आपको मिल ही जाते होंगे, जिन पर यातायात नियम व सड़क दुर्घटनाओं के बारे में जानकारी हों। अब ऐसी ही जानकारियां आपको ऑरकुट, फेसबुक, ट्विटर, आईटाइम्‍स, यूट्यूब, आदि जैसी सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट्स पर भी मिलेंगी।

जी हां सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय और अंतर्राष्ट्रीय सड़क संघ (आईआरएफ) ने सोशल नेटवर्किंग के माध्‍यम से सड़क दुर्घटनाओं को रोकने की योजना बनाई है। इस योजना के अंतर्गत अगले तीन साल में सड़क दुर्घटनाओं में 50 फीसदी की कमी लाना है।

ज्‍यादा से ज्‍यादा जागरूकता लाएंगे

आईआरएफ के उपाध्यक्ष केके कपिला ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया, "सड़क सुरक्षा के बारे में ज्यादा से ज्यादा जागरुकता फैलाने के लिए विज्ञापन, होर्डिग, पोस्टर के अलावा फेस बुक, ब्लाग, ट्विटर और यूट्यूब जैसी वेबसाइटों का सहयोग लिया जाएगा"

इससे पहले मंत्रालय और आईआरएफ ने 2012 तक सड़क दुर्घटनाओं में 50 प्रतिशत की कमी लाने के लिए पिछले सप्ताह 'रिडक्शन ऑफ रोड फेटेलिटीज' नाम से एक राष्ट्रीय अभियान की शुरुआत भी की है।

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