'संदेशवाहक के विश्वासघात से पकड़ा गया कोबाद'
मुहम्मद शफीक
हैदराबाद, 29 सितम्बर (आईएएनएस)। प्रतिबंधित संगठन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी-माओवादी (भाकपा-माओवादी) ने मंगलवार को दावा किया कि संदेशवाहक के विश्वासघात के कारण उसके लंदन से शिक्षा प्राप्त नेता और विचारक कोबाद गांधी को नई दिल्ली में 17 सितम्बर को गिरफ्तार किया जा सका।
भाकपा-माओवादी के पोलित ब्यूरो और केंद्रीय समिति के सदस्य की गिरफ्तारी को देश के नक्सलवादी आंदोलन के लिए बड़ा नुकसान बताते हुए संगठन ने कहा कि शासन के लिए यह केवल एक अस्थाई सफलता है।
आईएएनएस को भेजे गए एक बयान में भाकपा-माओवादी ने कहा, "कामरेड कोबाद गांधी के साथ उनके संदेशवाहक ने विश्वासघात किया। इसके कारण दिल्ल्ी के भीकाजी काम प्लेस पर आंध्र प्रदेश की विशेष खुफिया पुलिस (एसआईबी) और दिल्ली पुलिस की खुफिया शाखा ने उन्हें गिरफ्तार किया।"
शहरी इलाकों में पार्टी के विस्तार के प्रभारी और 63 वर्षीय कोबाद गांधी ने पार्टी की अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रतिबंधित संगठन के प्रवक्ता आजाद के हवाले से जारी बयान में कहा गया है कि कोबाद गांधी की गिरफ्तारी को खुफिया विभाग के अधिकारी एक बड़ी सफलता के रूप में पेश करने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि यह उनके संदेशवाहक का काम कर रहे पार्टी के एक कमजोर तत्व के केवल विश्वासघात का नतीजा है।
केंद्रीय समिति ने गांधी के खिलाफ फर्जी मामले बनाने, नार्को परीक्षण कराने और उनको मानसिक रूप से प्रताड़ित के खिलाफ लोकतांत्रिक ताकतों से संघर्ष करने को कहा है।
आजाद ने आरोप लगाया कि गांधी को 17 सितम्बर को गिरफ्तार किया गया था लेकिन उनकी गिरफ्तारी 21 सितम्बर को दिखाई गई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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