एयर इंडिया का संकट जारी, मंत्रालय ने कहा, कोई तालाबंदी नहीं (राउंडअप)
प्रधानमंत्री कार्यालय के सूत्रों ने आईएएनएस से कहा कि नागरिक उड्डयन मंत्री प्रफुल्ल पटेल से संकट का समाधान शीघ्र ढूंढ़ने को कहा गया है।
प्रधानमंत्री कार्यालय के एक सूत्र ने कहा, "हम नहीं चाहते कि जेट एयरवेट की तरह एयरलाइंस को पायलट बंधक बना लें। जेट में पायलटों की हड़ताल के कारण काफी यात्रियों को परेशानी हुई थी।"
कार्यकारी पायलटों की हड़ताल के तीसरे दिन सोमवार को दो अंतर्राष्ट्रीय सहित कम से कम 14 उड़ानों को रद्द करनी पड़ी।
सोमवार रात नागरिक उड्डयन सचिव एन. एम. नाम्बियार ने एक बयान में एयर इंडिया मे किसी तरह की तालाबंदी से इनकार किया।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांग पर विचार करने के लिए एक समिति का गठन किया गया है। हमने प्रबधंन से हड़ताल पर गए कर्मचारियों के साथ व्यापक बातचीत करने को कहा है। इन परिस्थितियों में पायलटों और कर्मचारियों को प्रबंधन का साथ देना चाहिए।
एयर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा कि उन्होंने अपने अगले कदम के बारे में फैसला नहीं किया है। हालांकि सूत्रों का कहना है कि एयर लाइन प्रबंधन पायलटों के खिलाफ कड़ा कदम उठा सकता है और अगले 15 दिनों तक सभी उड़ाने रद्द करने पर विचार कर सकता है।
यद्यपि, वरिष्ठ कार्यकारी पायलटों के गुट का नेतृत्व कर रहे कैप्टन वी. के. भल्ला ने समाचार चैनल एनडीटीवी से बातचीत में कहा, "पायलट हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर थे।"
भल्ला ने एयर इंडिया के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक अरविंद जाधव पर आरोप लगाया कि वह मई महीने से एयरलाइन का नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पायलय मजदूरी में कटौती से बहुत दुखी हैं, जो उनके मुताबिक करीब 70 फीसदी बनता है।
इस सबके बीच हड़ताली पायलटों के साथ बातचीत विफल होने के बाद एयर इंडिया प्रबंधन ने अपने रुख में नरमी लाते हुए कहा है कि वह आगे विचार विमर्श के लिए तैयार है और पायलटों के बकाया भत्तों पर जल्द ही निर्णय लिया जाएगा।
सरकारी विमानन कंपनी ने एक बयान में कहा, "प्रबंधन पायलटों के उत्पादकता आधारित भत्तों के बकाया भुगतान के लिए कार्यकारी पायलटों की समिति के गठन पर आगे और बातचीत करने को तैयार है।"
बयान में कहा गया है कि आने वाले महीनों के लिए पायलटों के वेतन और भुगतान की समय सीमा वित्तीय संस्थाओं के साथ विचार विमर्श के बाद जल्द ही तय की जाएगी।
इधर, सोमवार को प्रबंधन के साथ बातचीत विफल हो जाने के बाद कार्यकारी पायलटों ने हड़ताल तेज करने की धमकी दी।
वरिष्ठ कार्यकारी पायलटों की अगुवाई कर रहे वी.के. भल्ला ने बातचीत विफल होने के बाद पत्रकारों को बताया, "प्रबंधन ने हमारी मांगों को मानने से इनकार कर दिया है। हमें उम्मीद है कि जल्द ही देश भर के पायलट हमारे साथ शामिल होंगे।"
उन्होंने बताया कि प्रबंधन ने वेतन पर समझौते और तीन माह के एरियर का भुगतान करने की मांग को मानने से इनकार कर दिया।
भल्ला ने एयर इंडिया के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक अरविंद जाधव पर पायलटों के बीच भ्रम पैदा करने का भी आरोप लगाया।
जाधव पायलटों से मुलाकात करने सोमवार दोपहर को मुंबई से दिल्ली आए।
रविवार को प्रबंधन ने मुंबई के पायलटों के एक वर्ग से मुलाकात कर उनकी मांगों को मानने पर सहमति जताते हुए पायलटों को आश्वस्त किया था कि एक समिति उनके उत्पादकता आधारित भत्तों (पीएलआई) में कटौती को वापस लेगी। पीएलआई कार्यकारी पायलटों के वेतन का एक बड़ा भाग है।
उधर, नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एयर इंडिया के कार्यकारी पायलटों की हड़ताल से पैदा स्थिति पर विचार करने के लिए मंगलवार को सभी विमानन कंपनियों की बैठक बुलाई है।
खर्च में कटौती के उपायों के तहत प्रबंधन द्वारा पिछले सप्ताह पीएलआई में 25 से 50 प्रतिशत की कटौती के फैसले के बाद से एयर इंडिया में समस्या पैदा हुई। कंपनी पर 16,500 करोड़ रुपये का कर्ज है और 31 मार्च को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष 2008-09 में उसका घाटा 7,200 करोड़ रुपये था।
इंडो-एशियन सर्विस।


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