राजस्थान में मनाई जाएगी पंचायती राज की स्वर्ण जयंती
पंचायती राज विभाग के शासन सचिव एवं आयुक्त सुदर्शन सेठी ने बताया कि 5 अक्टूबर को प्रत्येक जिले में जिला प्रमुख की अध्यक्षता में एक संगोष्ठी आयोजित की जायेगी, जिसमें पंचायती राज व्यवस्था के 50 वर्ष के क्रियाकलापों की समीक्षा करते हुए ग्रामीण विकास में पंचायती राज की भूमिका विषय पर चर्चा होगी।
इस कार्यक्रम में वर्तमान जिला परिषद सदस्यों, वर्तमान प्रधानों के अलावा सभी निवर्तमान जिला प्रमुखों एवं प्रधानों को आमंत्रित किया जाएगा। सेठी ने बताया कि आयोजित कार्यक्रम में पूर्व जिला प्रमुखों का सम्मान किया जायेगा। उन्होंने बताया कि समारोह में उपस्थित होने वाले सभी निवर्तमान प्रमुखों एवं प्रधानों द्वारा वृक्षारोपण भी करवाया जाएगा।
इसी प्रकार 6 अक्टूबर को प्रत्येक पंचायत समिति स्तर पर प्रधान की अध्यक्षता में संगोष्ठी का आयोजन होगा। संगोष्ठी में पंचायती राज व्यवस्था के 50 वर्ष के क्रियाकलापों की समीक्षा होगी और ग्रामीण विकास में पंचायती राज की भूमिका विषय पर चर्चा की जाएगी।
इस कार्यक्रम में वर्तमान पंचायत समिति के सदस्यों के साथ-साथ सभी निवर्तमान प्रधानों एवं सरपंचों को भी बुलाया जाएगा। इस अवसर पर पूर्व प्रधान एवं पंचायती राज में त्रि-स्तरीय व्यवस्था लागू होने पर प्रथम बार सरपंच पद पर निर्वाचित हुए व्यक्तियों में से यदि कोई जीवित हो तो उनका सम्मान किया जायेगा। कार्यक्रम में उपस्थित होने वाले सभी निवर्तमान प्रधानों द्वारा वृक्षारोपण भी करवाया जाएगा।
शासन सचिव एवं आयुक्त ने बताया कि 7 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक ग्राम सभाओं का आयोजन भी किया जायेगा। इन ग्राम सभाओं में पूर्व सरपंचों को भी आमंत्रित कर उन्हें सम्मानित किया जाएगा। ग्राम सभाओं में सामाजिक अंकेक्षण व नरेगा कार्यक्रम की गाईड लाइन्स के ऊपर विस्तारपूर्वक चर्चा कर यह सुनिश्चित किया जायेगा कि इस योजना को और बेहतर ढंग से कैसे लागू किया जा सकता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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