पटेल के हस्तक्षेप के बाद भी चौथे दिन जारी रही हड़ताल (लीड-4)
नई दिल्ली, 29 सितम्बर (आईएएनएस)। नागरिक उड्डयन मंत्री प्रफुल्ल पटेल के हस्तक्षेप के बाद भी एयर इंडिया के पायलटों की हड़ताल लगातार चौथे दिन जारी रही। पटेल ने मंगलवार को पायलटों से आग्रह किया कि वे अपना आंदोलन समाप्त कर काम पर लौट आएं। लेकिन पायल टस से मस नहीं हुए।
इसके पहले नागरिक उड्डयन सचिव एन. एम. नाम्बियार ने प्रबंधन व हड़ताली पायलटों के बीच जारी गतिरोध पर जानकारी देने के लिए मंगलवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात की। इस अवसर पर कैबिनेट सचिव के.एम.चंद्रशेखर भी उपस्थित थे।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोमवार को नागरिक उड्डयन मंत्रालय से आग्रह किया था कि वह आर्थिक संकट में फंसी विमानन कंपनी को ताजा संकट से शीघ्र मुक्ति सुनिश्चित कराए।
प्रधानमंत्री कार्यालय के एक सूत्र ने सोमवार की रात कहा था, "हम नहीं चाहते कि जेट एयरवेज की तरह एयर इंडिया को पायलट बंधक बना लें। नागरिक उड्डयन मंत्री प्रफुल्ल पटेल से इस मसले का जल्द समाधान सुनिश्चित कराने के लिए कहा गया है।"
इसके बाद पटेल ने मंगलवार को संवाददाताओं को बताया, "उत्पादकता संबंधी प्रोत्साहनों (पीएलआई) में कटौती के संबंध में कोई भी औपचारिक निर्णय नहीं लिया गया है। मैं सभी कर्मचारियों और पायलटों से आग्रह करता हूं कि वे काम पर लौट आएं। सरकार एयर इंडिया को ऊंची उड़ान भरते देखना चाहती है।"
पटेल ने कहा कि एयर इंडिया प्रबंधन इस बात पर सहमत हुआ है कि वेतन कटौती संबंधी कोई भी निर्णय लेने से पहले कर्मचारियों से मशविरा किया जाएगा।
इस बीच नागरिक उड्डयन सचिव नांबियार ने दिन में एयर इंडिया के अध्यक्ष अरविंद जाधव सहित अन्य विमानन कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की और उनसे कहा कि संकट के समय में वे किराए में बढ़ोतरी न करें और एयर इंडिया के यात्रियों को अपनी उड़ानों में जगह उपलब्ध कराने में सहयोग करें।
नाम्बियार ने कहा, "मैंने उनसे इस समय किराया न बढ़ाने और उन यात्रियों को भी स्थान देने को कहा है, जिनकी उड़ानें रद्द हो गईं हैं।"
हड़ताल के कारण मंगलवार को 50 उड़ानें रद्द करनी पड़ी हैं। इसमें नौ अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें शामिल हैं।
बैठक के बाद जाधव ने संवाददाताओं को बताया कि प्रथम तीन दिनों की हड़ताल के दौरान कंपनी को 84 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो चुका है।
जाधव ने कहा कि पिछले तीन दिनों से कम से कम 180 पायलट चिकित्सा अवकाश पर हैं। कंपनी ने कर्मचारियों को दी जाने वाली पीएलआई की राशि को बढ़ा कर 1,000 करोड़ रुपये से 1,500 करोड़ रुपये कर दिया है।
जाधव ने कहा कि देश के विभिन्न हवाई अड्डों पर यात्रियों को दूसरी उड़ानों में स्थानांतरित करने के लिए उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को तैनात किया है। टिकटों की वापसी के लिए विशेष काउंटर खोले गए हैं। एयर इंडिया ने अगले 15 दिनों के लिए टिकट आरक्षण भी बंद कर दिया है।
कार्यकारी पायलटों की हड़ताल और आर्थिक तंगी से जूझ रही सरकारी विमानन कंपनी, एयर इंडिया की मुसीबतें मंगलवार को उस समय और बढ़ गईं जब कंपनी के कनिष्ठ पायलट भी हड़ताल में शामिल हो गए और जमीनी कर्मचारियों ने हड़ताल पर जाने की संभावना जताई।
एयर कॉरपोरेशन इम्प्लाइज यूनियन (एसीईयू) के महासचिव जे. बी. कादियन ने कहा, "लगता है कि प्रबंधन स्थिति को बिगाड़ने पर तुला हुआ है।" इस संघ से करीब 20 हजार कर्मचारी जुड़े हुए हैं।
कादियन ने मंगलवार को आईएएनएस से बातचीत में कहा कि उनका संघ कार्यकारी पायलटों के समर्थन में हड़ताल पर जाने की योजना बना रहा है। उन्होंने कहा, "प्रबंधन पहले ही तालाबंदी की धमकी दे चुका है। हालांकि वह इससे इंकार कर रहा है लेकिन इससे पहले ऐसी बातें कभी नहीं सुनी गईं।"
उन्होंने कहा, "हम अपने सदस्यों को संगठित कर रहे हैं। सीएमडी (चेयरमैन और प्रबंध निदेशक अरविंद जाधव) स्थिति को बदतर बना रहे हैं।"
कनिष्ठ पायलटों ने हड़ताल में शामिल होने के साथ ही प्रबंधन द्वारा पीएलआई में की गई कटौती की आलोचना की।
इंडियन कामर्सियल पायलट्स एसोसिएशन के पूर्व महासचिव व एयर इंडिया के पायलट आर.एस.ओटल ने कहा, "राजस्व बढ़ाने और बदलाव की योजना अपनाने के बदले प्रबंधन हमारे वेतन में कटौती करने में लगा हुआ है, जो स्वीकार नहीं है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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