एयर इंडिया के जमीनी कर्मचारियों की हड़ताल पर जाने की योजना (लीड-3)
नई दिल्ली, 29 सितम्बर (आईएएनएस)। कार्यकारी पायलटों की हड़ताल और आर्थिक तंगी से जूझ रही सरकारी विमानन कंपनी एयर इंडिया की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अब कंपनी के जमीनी कर्मचारी हड़ताल पर जाने की योजना बना रहे हैं।
कंपनी पर गहराते संकट के बीच नागरिक उड्डयन सचिव एन. एम. नाम्बियार ने मंगलवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात की और उन्हें स्थिति की जानकारी दी।
एयर कॉरपोरेशन इम्प्लाइज यूनियन (एसीईयू) के महासचिव जे. बी. कादियन ने कहा, "लगता है कि प्रबंधन स्थिति को बिगाड़ने पर तुला हुआ है।" इस संघ से करीब 20 हजार कर्मचारी जुड़े हुए हैं।
कादियन ने मंगलवार को आईएएनएस से बातचीत में कहा कि उनका संघ कार्यकारी पायलटों के समर्थन में हड़ताल पर जाने की योजना बना रहा है। उन्होंने कहा, "प्रबंधन पहले ही तालाबंदी की धमकी दे चुका है। हालांकि वह इससे इंकार कर रहा है लेकिन इससे पहले ऐसी बातें कभी नहीं सुनी गईं।"
उन्होंने कहा, "हम अपने सदस्यों को संगठित कर रहे हैं। सीएमडी (चेयरमैन और प्रबंध निदेशक अरविंद जाधव) स्थिति को बदतर बना रहे हैं।"
जाधव ने हालांकि मंगलवार को संवाददाताओं को बताया कि प्रथम तीन दिनों की हड़ताल के दौरान कंपनी को 84 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो चुका है।
इधर कनिष्ठ पायलट भी मंगलवार को हड़ताल में शामिल हो गए और उन्होंने प्रबंधन द्वारा पीएलआई में की गई कटौती की आलोचना की है।
इंडियन कामर्सियल पायलट्स एसोसिएशन के पूर्व महासचिव व एयर इंडिया के पायलट आर.एस.ओटल ने कहा, "राजस्व बढ़ाने और बदलाव की योजना अपनाने के बदले प्रबंधन हमारे वेतन में कटौती करने में लगा हुआ है, जो स्वीकार नहीं है।"
एयरलाइन के पायलटों का एक वर्ग उत्पादकता प्रोत्साहन राशि में कटौती के खिलाफ शनिवार से हड़ताल पर है।
पायलटों और प्रबंधन के बीच हड़ताल के चौथे दिन भी कोई समझौता न हो पाने के बाद नागरिक उड्डयन सचिव एन. एम. नाम्बियार ने मंगलवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात कर उन्हें स्थिति के बारे में जानकारी दी।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय के एक शीर्ष सूत्र ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास पर नाम्बियार को संकटग्रस्त विमानन कंपनी के बारे में जानकारी देने के लिए बुलाया गया था।
सोमवार रात प्रधानमंत्री कार्यालय ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय से आर्थिक संकट में फंसी विमानन कंपनी की ताजा समस्या को शीघ्र निपटाने के लिए कहा था।
सोमवार को प्रधानमंत्री कार्यालय के एक सूत्र ने कहा था, "हम नहीं चाहते हैं कि जेट एयरवेज की तरह एयर इंडिया को पायलट बंधक बना लें। नागरिक उड्डयन मंत्री प्रफुल्ल पटेल से इस मसले का जल्द समाधान सुनिश्चित कराने के लिए कहा गया है।"
एयर इंडिया के अध्यक्ष अरविंद जाधव सहित विभिन्न विमानन कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद नागरिक उड्डयन सचिव एन.एम.नांबियार ने कहा, "मैंने उनसे इस समय किराया न बढ़ाने और उन यात्रियों को भी स्थान देने को कहा है, जिनकी उड़ानें रद्द हो गईं हैं।"
जाधव ने कहा कि पिछले तीन दिनों से करीब 180 पायलट कथित बीमारी के कारण छुट्टी पर हैं। एयर इंडिया ने पिछले दो वर्षो में कर्मचारियों को दी जाने वाली पीएलआई 1,000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1,500 करोड़ रुपये कर दी है।
जाधव ने कहा कि देश के विभिन्न हवाई अड्डों पर यात्रियों को दूसरी उड़ानों में स्थानांतरित करने के लिए उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को तैनात किया है। टिकटों की वापसी के लिए विशेष काउंटर खोले गए हैं। एयर इंडिया ने अगले 15 दिनों के लिए टिकट आरक्षण भी बंद कर दिया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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