चिंपांजियों से अधिक होशियार होते हैं लकड़बग्घे : अध्ययन
ड्यूक विश्वविद्यालय की विकास मानव विज्ञानी क्रिस्टीन ड्रीआ के मुताबिक एक प्रयोग में लकड़बग्घों के बंदी जोड़ों को भोजन प्राप्त करने के लिए दो रस्सियों पर चलना था। देखा गया कि ऐसा करने में उन्होंने बिना किसी प्रशिक्षण के एक-दूसरे को सफल सहयोग दिया। जबकि यही काम चिंपांजियों और अन्य बंदरों को दिया गया तो उन्हें इसके लिए बहुत अधिक प्रशिक्षण देना पड़ा।
उन्होंने यह प्रयोग 90 के दशक में किया था। उन्होंने कहा, "प्रयोगशाला में किए गए प्रयोग से स्पष्ट है कि चिंपांजियों की अपेक्षा लकड़बग्घे सहयोग और परेशानियां सुलझाने वाले अध्ययन के अधिक अनुकूल साबित हुए हैं। लकड़बग्घों ने प्रयोगशाला में भोजन प्राप्त करने के लिए प्राकृतिक रूप से साथ काम किया जबकि जंगलों में वह सामूहिक शिकार करते हैं।"
अध्ययन की सह-लेखिका यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया एट बर्कले (यूसी-बी) की एलिसा एन. कार्टर और ड्रीआ ने लकड़बग्घों के 13 जोड़ों का अध्ययन किया था और उन्होंने पाया कि इन जोड़ों ने रस्सी पर चलते हुए एक-दूसरे के साथ सही ताल-मेल बिठा लिया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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