एयर इंडिया की हड़ताल के बारे में प्रधानमंत्री को दी गई जानकारी (लीड-2)
नागरिक उड्डयन मंत्रालय के एक शीर्ष सूत्र ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास पर नाम्बियार को संकट ग्रस्त विमानन कंपनी के बारे में जानकारी देने के लिए बुलाया गया।
सोमवार रात को प्रधानमंत्री कार्यालय ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय से आर्थिक संकट में फंसी विमानन कंपनी की ताजा समस्या को शीघ्र निपटाने के लिए कहा था।
सोमवार को प्रधानमंत्री कार्यालय के एक सूत्र ने कहा था, "हम नहीं चाहते हैं कि जेट एयरवेज की तरह एयरलाइंस को पायलट बंधक बना लें। जेट में पायलटों की हड़ताल की वजह से यात्रियों को परेशानी हुई थी। नागरिक उड्डयन मंत्री प्रफुल्ल पटेल से इस मसले का जल्द समाधान सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।"
इधर, एयर इंडिया के अध्यक्ष अरविंद जाधव सहित विभिन्न विमानन कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक के बाद नागरिक उड्डयन सचिव एन.एम.नांबियार ने कहा, "मैंने उनसे इस समय किराया नहीं बढ़ाने और उन यात्रियों को भी स्थान देने को कहा है, जिनकी उड़ानें रद्द हो गईं हैं।"
उत्पादकता से जुड़े भत्तों (पीएलआई) में कटौती किए जाने से नाराज पायलटों की हड़ताल मंगलवार को चौथे दिन में प्रवेश कर गई। इससे नौ अंतर्राष्ट्रीय सहित 50 उड़ानें रद्द हुई हैं।
बैठक के बाद जाधव ने संवाददाताओं से कहा कि पहले ही नकदी की कमी से जूझ रही कंपनी को तीन दिनों में 84 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, हालांकि उन्होंने एयर इंडिया में किसी तरह की तालाबंदी की संभावना से इनकार किया।
जाधव ने कहा कि पिछले तीन दिनों से करीब 180 पायलट कथित बीमारी के कारण छुट्टी पर हैं। एयर इंडिया ने पिछले दो वर्षो में कर्मचारियों को दी जाने वाली पीएलआई 1,000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1,500 करोड़ रुपये कर दी है।
जाधव ने कहा कि देश के विभिन्न हवाई अड्डों पर यात्रियों को दूसरी उड़ानों में स्थानांतरित करने के लिए उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को तैनात किया है। टिकटों की वापसी के लिए विशेष काउंटर खोले गए हैं। एयर इंडिया ने अगले 15 दिनों के लिए टिकट आरक्षण भी बंद कर दिया है।
वरिष्ठ कार्यकारी पायलटों और जाधव के बीच वार्ता सोमवार को बेनतीजा समाप्त हो गई।
एयर इंडिया के अधिकारियों ने कहा कि प्रबंधन ने वार्ता के दरवाजे खोल रखे हैं और मंगलवार को भी पायलटों से वार्ता की संभावना है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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