एयर इंडिया ने बोनस बहाल किया, पायलट हड़ताल पर अडिग (राउंडअप)

मुंबई, 27 सितम्बर (आईएएनएस)। राष्ट्रीय विमानन कंपनी, एयर इंडिया द्वारा उत्पादकता संबंधी प्रोत्साहन (पीएलआई) को बहाल करने पर राजी हो जाने के बाद भी पायलटों ने अपनी हड़ताल समाप्त करने से इंकार कर दिया है।

प्रबंधन व पायलटों के बीच रविवार को चली पांच घंटे की बातचीत के बाद प्रबंधन द्वारा सहयोग का प्रस्ताव किया गया, लेकिन पायलटों ने मांग की कि उन्हें तीन महीने का बकाया भुगतान भी किया जाए।

हड़ताली पायलटों की अगुवाई कर रहे कैप्टन वी.के. भल्ला ने कहा, "प्रबंधन पीएलआई को बहाल करने पर सहमत हो गया है लेकिन हमारे तीन महीने के बकाया भुगतान को लेकर कोई वादा नहीं किया गया है। हम अपनी हड़ताल तभी समाप्त करेंगे जब प्रबंधन हमें बकाया भुगतान का भरोसा दे देगा।"

कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पीएलआई के मामलों की देख-रेख के लिए एक समिति गठित की जाएगी।

ज्ञात हो कि लगभग 400 वरिष्ठ कार्यकारी पायलटों ने प्रोत्साहनों में कटौती के प्रबंधन के निर्णय के खिलाफ सामूहिक रूप से चिकित्सा अवकाश पर जाने की धमकी दी है।

एयर इंडिया के प्रवक्ता जीतेंद्र भार्गव ने कहा है कि प्रबंधन सोमवार से यह सुनिश्चित कराएगा कि उड़ानें सामान्य हो जाएं।

भार्गव ने कहा है कि अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों सहित कम से कम 22 उड़ानें रविवार को निरस्त कर दी गईं। रविवार को पायलटों की हड़ताल का दूसरा दिन था।

एयर इंडिया के एक अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, "दिल्ली से बैंकाक, सिंगापुर, काठमांडू और कुछ अन्य देशों के लिए अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें निरस्त कर दी गईं, क्योंकि कुछ पायलट काम पर नहीं आए थे।"

इस बीच नागरिक उड्डयन मंत्रालय की ओर से सभी विमानन कंपनियों की मंगलवार को दिल्ली में एक बैठक बुलाई गई है। बैठक में एयर इंडिया के पायलटों की हड़ताल और इस महीने के प्रारंभ में जेट एयरवेज के पायलटों की हड़ताल से पैदा हुई स्थितियों पर चर्चा की जाएगी।

इधर दिल्ली में कार्यरत पायलट भल्ला ने कहा, "पायलट प्रबंधन की चालों को समझ रहे हैं और वे उनके जाल में नहीं फंसेंगे।"

उन्होंने कहा, "प्रबंधन ने हमसे बातचीत में शामिल होने को कहा था लेकिन हमने मना कर दिया था। हमने उनसे कहा कि पहले हमारे तीन महीने के बकाए का भुगतान कीजिए और सुविधाओं में कटौती के आदेश को वापस लीजिए।"

भल्ला ने दावा किया कि हड़ताल के कारण 50 से ज्यादा उड़ानें रद्द हुई हैं जबकि प्रबंधन रद्द हुई उड़ानों की संख्या 22 बता रहा है।

पहले से ही आर्थिक दिक्कतों का सामना कर रही एयर इंडिया को रविवार को पायलटों के काम पर न आने के कारण कम से कम 22 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं हैं।

सरकारी विमानन कंपनी ने बुधवार को लागत कम करने के उपायों के तहत कर्मचारियों को दी जा रही उत्पादकता आधारित सुविधाओं में 25 से 50 फीसदी तक कटौती करने का निर्णय लिया था।

दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने एयर इंडिया की हड़ताल में सरकार से हस्तक्षेप करने की रविवार को मांग की है। इसके साथ ही पार्टी ने प्रबंधन द्वारा पायलटों के वेतन और उत्पादकता संबंधी प्रोत्साहनों (पीएलआई) में की गई कटौती की निंदा की है।

भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने एक बयान में कहा, "देश इस बात से परिचित है कि सरकार और नागरिक उड्डयन मंत्री प्रफुल्ल पटेल की गलत नीतियों के कारण एयर इंडिया घाटे में है। मजेदार यह कि एयर इंडिया के वर्तमान हालात के लिए मंत्री को जिम्मेदार ठहराए जाने के बदले पायलटों और कर्मचारियों को पीड़ित किया जा रहा है।"

जावड़ेकर ने कहा है, "मंत्री के खिलाफ कोई कार्रवाई करने के बदले सरकार ने एयर इंडिया प्रबंधन को इस बात की अनुमति दे दी है कि एयर इंडिया में वर्तमान दुर्व्यवस्था के लिए कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराया जाए। ईमानदारी के साथ काम कर रहे कर्मचारियों के साथ यह भयानक अन्याय है।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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