चीनी घुसपैठ बनी अरूणाचल प्रदेश में चुनावी मुद्दा
सैयद जरीर हुसैन
इटानगर, 28 सितम्बर (आईएएनएस)। केंद्र की सत्तारूढ़ संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के दो सहयोगी दल चीनी घुसपैठ के मुद्दे को अरूणाचल प्रदेश के विधानसभा चुनावों में उठा रहे हैं। यद्यपि मुख्यमंत्री दोर्जी खांडू राज्य पर चीन के दावे को आधारहीन ठहरा चुके हैं।
राज्य की 60 सदस्यीय विधानसभा की 57 सीटों के लिए मतदान 13 अक्टूबर को होगा। मुख्यमंत्री सहित तीन उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं।
तृणमूल कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) दोनों ने चीनी घुसपैठ की खबरों और अरूणाचल प्रदेश पर बीजिंग के दावे को चुनावी मुद्दा बना दिया है। केंद्र में संप्रग सरकार का हिस्सा ये पार्टियां राज्य में कांग्रेस के खिलाफ चुनाव लड़ रही हैं।
तृणमूल कांग्रेस के अध्यक्ष किटो सोरा ने आईएएनएस से कहा कि अरूणाचल प्रदेश के मामले पर केंद्र सरकार को चीन के खिलाफ कड़ा रुख अपनाना चाहिए।
कांग्रेस ने जहां सभी 60 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं वहीं राकांपा ने 30 और तृणमूल कांग्रेस ने 28 उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतारा है।
राकांपा नेता एल.वांगलेट ने कहा कि चीन के अरूणाचल प्रदेश पर दावे का जवाब देने के बजाए केंद्र सरकार खामोश है। वह चाहते हैं कि केंद्र इस मामले पर कड़ा रुख अपनाए।
जम्मू एवं कश्मीर में चीनी घुसपैठ की खबरों के बाद तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा की अरूणाचल प्रदेश यात्रा का बीजिंग द्वारा विरोध किए जाने के बाद राज्य में भावनाएं भड़क उठीं।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) भी राज्य के चुनावों में चीनी घुसपैठ को मुद्दा बनाने के पक्ष में है।
भाजपा के पूर्वोत्तर के संगठन मंत्री पी. चंद्रशेखर ने कहा कि चीनी घुसपैठ सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा है और कांग्रेस के नेतृत्व वाली संप्रग सरकार ऐसे खतरे को कम करके आंक रही है। केंद्र का इसको हल्के में लेना दुर्भाग्यपूर्ण है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications