एयर इंडिया प्रबंधन के रुख में नरमी (लीड-4)
सरकारी विमानन कंपनी ने एक बयान में कहा, "प्रबंधन पायलटों के उत्पादकता आधारित भत्तों के बकाया भुगतान के लिए कार्यकारी पायलटों की समिति के गठन पर आगे और बातचीत करने को तैयार है।"
बयान में कहा गया है कि आने वाले महीनों के लिए पायलटों के वेतन और भुगतान की समय सीमा वित्तीय संस्थाओं के साथ विचार विमर्श के बाद जल्द ही तय की जाएगी।
इस बीच सोमवार को प्रबंधन के साथ बातचीत विफल हो जाने के बाद कार्यकारी पायलटों ने हड़ताल तेज करने की धमकी दी।
वरिष्ठ कार्यकारी पायलटों की अगुवाई कर रहे वी.के. भल्ला ने बातचीत विफल होने के बाद पत्रकारों को बताया, "प्रबंधन ने हमारी मांगों को मानने से इनकार कर दिया है। हमें उम्मीद है कि जल्द ही देश भर के पायलट हमारे साथ शामिल होंगे।"
उन्होंने बताया कि प्रबंधन ने वेतन पर समझौते और तीन माह के एरियर का भुगतान करने की मांग को मानने से इनकार कर दिया।
भल्ला ने एयर इंडिया के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक अरविंद जाधव पर पायलटों के बीच भ्रम पैदा करने का भी आरोप लगाया।
जाधव पायलटों से मुलाकात करने सोमवार दोपहर को मुंबई से दिल्ली आए।
रविवार को प्रबंधन ने मुंबई के पायलटों के एक वर्ग से मुलाकात कर उनकी मांगों को मानने पर सहमति जताते हुए पायलटों को आश्वस्त किया था कि एक समिति उनके उत्पादकता आधारित भत्तों (पीएलआई) में कटौती को वापस लेगी। पीएलआई कार्यकारी पायलटों के वेतन का एक बड़ा भाग है।
उधर, नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एयर इंडिया के कार्यकारी पायलटों की हड़ताल से पैदा स्थिति पर विचार करने के लिए मंगलवार को सभी विमानन कंपनियों की बैठक बुलाई है।
खर्च में कटौती के उपायों के तहत प्रबंधन द्वारा पिछले सप्ताह पीएलआई में 25 से 50 प्रतिशत की कटौती के फैसले के बाद से एयर इंडिया में समस्या पैदा हुई। कंपनी पर 16,500 करोड़ रुपये का कर्ज है और 31 मार्च को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष 2008-09 में उसका घाटा 7,200 करोड़ रुपये था।
इंडो-एशियन सर्विस।


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