बिशप संगठन ने शिक्षा का अधिकार विधेयक में संशोधन की मांग की
सीबीसीआई ने इस वर्ष संसद के दोनों सदनों द्वारा पारित शिक्षा का अधिकार विधेयक के खंड 21 पर आपत्ति उठाई है। इस खंड में कहा गया है कि शैक्षणिक संस्थानों की प्रबंधन समिति में निर्वाचित स्थानीय प्रतिनिधि, शिक्षकों व अभिभावकों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
सीबीसीआई के प्रवक्ता बाबू जोसफ ने आईएएनएस को बताया, "इस खंड का खास परिणाम यह है कि शैक्षणिक संस्थानों के अकादमिक मामलों में राजनीतिज्ञों का अनुचित हस्तक्षेप होगा।"
जोसफ ने कहा है, "यह खंड संविधान में अल्पसंख्यक समुदाय के लिए प्रदत्त अधिकारों के खिलाफ है। संविधान में अल्पसंख्यकों को अपने पसंद के शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना करने और उनका प्रबंधन करने की सुविधा प्रदान की गई है। नया विधेयक प्रबंधन के अधिकार पर हमला करता है।"
जोसफ ने कहा है कि विधेयक के इस खंड के रहते इस बात की कोई गारंटी नहीं कि शिक्षा के स्तर में सुधार हो।
जोसफ ने कहा है कि इस संबंध में सीबीसीआई के एक प्रतिनिधिमंडल ने पिछले सप्ताह मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल से मुलाकात की थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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