नेपाल पर शोभराज मामले में संयुक्त राष्ट्र की अपील की अनदेखी का आरोप
काठमांडू, 28 सितम्बर (आईएएनएस)। नेपाल की जेल में बंद चार्ल्स शोभराज के वकील ने आरोप लगाया है कि सरकार उनके मुवक्किल के मानवाधिकारों के मसले पर संयुक्त राष्ट्र संघ की अपील को नजरअंदाज कर रही है। हालांकि में प्रधानमंत्री माधव कुमार ने हाल ही में संयुक्त राष्ट्र महासभा को आश्वस्त किया था कि उनका देश 'मानवाधिकारों की रक्षा' करने के लिए प्रतिबद्ध है।
1975 में एक अमेरिकी पर्यटक की हत्या के आरोप में नेपाल की कड़ी सुरक्षा वाली जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे 65 वर्षीय शोभराज ने पिछले साल संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार समिति में अपील करते हुए कहा था कि उनके साथ नाइंसाफी हुई।
शोभराज के फ्रैंच वकील इसाबेले काउंटेंट-पेयरे ने मानवाधिकार समिति को भेजे एक शिकायती पत्र कहा कि उनके मुवक्किल को बिना साक्ष्य के दोषी करार दिया गया और नेपाल की अदालत ने जानबूझ कर मामले की सुनवाई में देरी की।
संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार समिति ने चार्ल्स शोभराज का मामला नेपाल सरकार के समक्ष उठाते हुए छह माह के भीतर इन आरोपों पर जवाब देने को कहा था।
ईसाबेले ने आईएएनएस को बताया कि मानवाधिकार समिति द्वारा दी गई समय सीमा बीत चुकी है अभी भी नेपाल सरकार ने कोई जवाब नहीं दिया है।
फ्रैंच वकील ने संयुक्त राष्ट्र से नेपाल की अदालत को चुनौती देने को भी कहा है। शोभराज के वकील का कहना है कि उसके मुवक्किल को विवादास्पद प्रक्रिया के तहत छोटे अपराध के लिए कठोर सजा दी गई है।
दुनिया में एक समय बिकनी किलर के नाम कुख्यात शोभराज पर एक अखबार ने कई पश्चिमी देशों के पर्यटकों को लूटने और उनकी हत्या करने का आरोप लगाया था। शोभराज ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि नेपाल में गिरफ्तार होने पहले किसी अदालत ने उसे हत्या का दोषी नहीं पाया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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